पर्वतारोही रानी भट्टी की फाइल फोटो।
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यदि किसी काम में आप सफलता हासिल करना चाहते हों तो काम के प्रति आपका जुनून होना जरूरी है। इसी बात को सच साबित किया है शहर की बेटी व श्यामलाल बाग निवासी रीना भट्टी ने। इसी जुनून के चलते रीना न सिर्फ एक पर्वतारोही बनीं, बल्कि वह दुनिया की सबसे ऊंची सात चोटियों में शुमार किलिमंजारो (19341 फुट) की चोटी भी फतेह कर चुकी हैं। रीना का लक्ष्य अब माउंट एवरेस्ट की चोटी पर देश का झंडा फहराना है। रीना का कहना है कि उसने हॉलीवुड फिल्म एवरेस्ट से प्रभावित होकर ही पर्वतारोहण को चुना था।
रीना ने बताया कि वह स्कूल के समय में कबड्डी खेलती थी। इससे खेलों की तरफ उसका काफी रुझान था। शुरू में वह शौकिया तौर पर ट्रैकिंग करने जाती थी। इसी बीच उसने हॉलीवुड फिल्म एवरेस्ट देखी। इसके बाद उसने पर्वतारोही बनने की ठानी। परिवार वालों ने भी इस फैसले में उसका सहयोग किया।
पता बलवान सिंह की ऑटो मार्केट में है वर्कशॉप
पहले उसने हिमाचल प्रदेश से पर्वतारोहण का बेसिक व एडवांस कोर्स किया। इसी बीच उसने हिमाचल प्रदेश में स्थित फ्रेंडशिप पीक (17,353 फुट) पर चढ़ाई की। वह चादर ट्रैक पर ट्रैकिंग कर चुकी है। यह 65 किलोमीटर लंबा ट्रैक है और यहां का तापमान माइनस 30 डिग्री रहता है। पिछले साल नवंबर में उसने किलिमंजारो को छह घंटे में फतेह किया। रीना के पिता बलवान सिंह की ऑटो मार्केट में वर्कशॉप है और मां बाला देवी एक गृहिणी है। रीना एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं।