हांसी। गेहूं की रिकॉर्ड आवक के चलते इस बार हैफेड, एफसीआई व डीएफएससी के गोदाम पूरी तरह से भर गए हैं। हालत यह है कि लाखों क्विंटल गेहूं के बैग को खुले में रखना पड़ रहा है। ऐसा तीन वर्षों के बाद हुआ है कि गेहूं का भंडारण खुले में करना पड़ रहा हो। हांसी, सिसाय व घिराय अनाज मंडी में पौने दस लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। पौने दो लाख क्विंटल गेहूं की खरीद बाकी है। बीते पांच वर्षों में गेहूं की सबसे ज्यादा रिकॉर्ड खरीद हुई है।
गेहूं की इस बार रिकॉर्ड खरीद हुई है। रिकॉर्ड भी ऐसा तोड़ा की एजेंसियों को भंडारण में समस्या हो रही है। गोदामों में गेहूं रखने की जगह तक नहीं बची है। मजबूरन गेहूं का खुले में भंडारण करना पड़ रहा है। हांसी व आसपास के गांवों में सभी गोदाम गेहूं से भर गए हैं। जबकि अभी लाखों क्विंटल गेहूं की उठान मंडी से बाकी है। इन गोदामों में हांसी की अनाज मंडी के साथ-साथ नारनौंद मंडी, बांडाहेडी, सिसाय व धनाना सब केंद्रों से खरीदी गई गेहूं रखी जा रही है। गोदामों में ऐसा नजारा तीन वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। खुले में किए जा रहे गेहूं के बैग को तिरपाल से ढका जाएगा।
अभी सैनीपुरा में हैफेड के गोदाम व अनाज मंडी के साथ बने खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम में खुले में भंडारण किया जा रहा है। यहां पर गोदाम के अंदर भंडारण की जगह नहीं बची है। सैनीपुरा के गोदाम में सवा लाख गेहूं के बैग खुले में रखे जाएंगे।
वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम में एक लाख क्विंटल गेहूं के बैग खुले में रखे जाएंगे। वहीं उमरा रोड पर एफसीआई के गोदाम में भी भंडारण का काम चल रहा है। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय के पीछे बने गोदाम, उमरा गांव के समीप एक गोदाम में भंडारण हो चुका है। गगनखेड़ी में भंडारण के लिए गोदाम को किराये पर लिया गया। इसमें भी भंडारण का काम पुरा हो चुका है।
एक सप्ताह के लिए खरीद बढ़ी
सरकार द्वारा मंडियों में गेहूं की खरीद के लिए एक सप्ताह का समय और बढ़ा दिया गया है। मंडी में 22 मई तक गेहूं की खरीद होगी। खरीद हैफेड व डीएफएससी की ओर से पहले की तरह की जाएगी। फिलहाल हांसी मंडी में गेहूं की आवक नहीं है।
ऐसा कई वर्षों के बाद हुआ है कि खुले में गेहूं के बैग रखने पड़े हैं। इस बार खरीद बंपर हुई है। खुले में रखे जाने वाली गेहूं के नीचे डबल कैरेट लगा कर भंडारण किया जा रहा है। ताकि गेहूं खराब न हो। खुले में रखे गए गेहूं के बैग को तिरपाल से ढका जाएगा।- बबली यादव, मैनेजर, हैफेड
वर्ष खरीद (क्विंटल में)
2020-21 9.17 लाख
2021-22 8.32 लाख
2022-23 5.52 लाख
2023-24 8.54 लाख
2024-25 9.75 लाख