हिसार। अमृत योजना के बचे कार्य को लेकर लगाए गए टेंडर के तहत आए आवेदनों की तकनीकी बोली की जांच में कुछ दस्तावेज कम पड़ गए। अब दोनों एजेंसियों से दस्तावेज मांगे गए हैं। मुख्यालय स्तर पर बनी कमेटी इन दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके बाद वित्तीय बोली की जांच की जाएगी। अगर इस बोली में दोनों एजेंसियां शर्तों पर खरी उतरती है तो इस बार टेंडर अलॉटमेंट की संभावना बन सकती है। इससे पहले निगम इस कार्य के लिए तीन बार टेंडर लगा चुका है। मगर तीनों दफा टेंडर सिरे नहीं चढ़ा।
बता दें कि अमृत के बचे हुए कार्य के तहत करीब 60 किलोमीटर की लाइन बिछाई जानी बाकी है। इसमें सबसे ज्यादा काम वार्ड 11 का है। वार्ड में दो वाटर टैंक व एक बूस्टिंग स्टेशन भी बनाना बाकी है। इसके अलावा कैमरी रोड पर महेश नगर में भी बूस्टिंग स्टेशन निर्माण का काम लंबित पड़ा है।
उधर, पेयजल लाइन न बिछने से वार्ड 11 में 100 से ज्यादा गलियों में सड़क का निर्माण कार्य अटका पड़ा है। इनमें से ज्यादा सड़कों के टेंडर दो साल पहले लगाए गए थे। मगर पेयजल लाइन न बिछने से ज्यादातर ठेकेदार इन टेंडर को सरेंडर कर चुके हैं। सड़कों के न बनने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मामूली बारिश आते ही गलियों में कीचड़ पैदा हो जाता है।