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Hisar News: 8 साल का टूटा रिकॉर्ड, बारिश में बह गईं व्यवस्थाएं

Sun, 25 Jun 2023 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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 मुख्य बाजार में भरे पानी के बीच वाहनों के गुजरने से दूर तक पहुंची लहरे।
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चरखी दादरी। मानसून की बारिश ने इस बार आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जिले में शनिवार रात दो बजे से रविवार दोपहर दो बजे तक बदरा जमकर बरसे। 12 घंटे में 85 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, प्रशासन व जनस्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं पानी में बह गईं। आलम ये रहा कि मुख्य बाजार और कॉलोनियों में तीन-तीन फुट तक पानी भर गया।
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बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से राहत प्रदान की वहीं जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी। सड़कों पर जमा बारिश के पानी में 100 से अधिक चार पहिया और दो पहिया वाहन बंद हो गए। इन्हें चालकों ने धक्के लगाकर बाहर निकलवाया। दूसरी ओर रविवार शाम छह बजे तक भी सड़कों से पानी की निकासी नहीं हो पाई, जिसके चलते लोगों ने परेशानी झेली। इधर, मानसून के मद्देनजर जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध होने के दावे किए थे। एक ही दिन की बारिश ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के चलते शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। रिहायशी क्षेत्रों में जहां मकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया तो वहीं बाजारों में दुकानों के अंदर भी ये ही स्थिति रही। यहां तक की जिला उपायुक्त समेत अन्य अधिकारियों के आवास भी जलभराव से अछूते नहीं रहे।
वहीं, बारिश रुकने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए और मोटर, पंप सेट व ट्रैक्टर इंजन के जरिये पानी का उठान शुरू कराया। इतना ही नहीं सदर थाने के पीछे बना जोहड़ भी ओवरफ्लो कर गया। रविवार अलसुबह शुरू हुई बारिश किसानों के लिए राहत तो शहरवासियों के लिए आफत बनकर बरसी। बारिश से बाजरा और धान में किसानों की एक सिंचाई बच गई और इससे करीब जिले में 90 करोड़ से अधिक का डीजल बच गया। वहीं, शहर के सभी प्रमुख मार्गाें पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया जबकि वार्डाें में भी गंभीर हालात बने रहे। जलभराव के चलते पुरानी सब्जी मंडी, पुरानी अनाज मंडी, काठमंडी क्षेत्र, मुख्य बाजार, कोर्ट रोड और जांगड़ा रोड मार्केट बंद रही। वहीं, व्यापारी नेताओं का कहना है कि 100 से अधिक दुकानों के अंदर तक पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन सोमवार को दुकानें खुलने के बाद ही लग पाएगा।
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- 2014 से 2022 तक ये रहे है पूरे मानसून सीजन की बारिश के आंकड़े
वर्ष- बारिश हुई
2014-207 एमएम
2015-309 एमएम
2016-576 एमएम
2017- 315 एमएम
2018- 311 एमएम
2019- 183 एमएम
2020- 289 एमएम
2021-512 एमएम
2022- 347 एमएम

- इन क्षेत्रों में हुआ जलभराव
बस स्टैंड रोड, रोहतक रोड, कोर्ट रोड, पुरानी सब्जी मंडी रोड, काठमंडी, पुरानी अनाज मंडी, सरदार झाडू सिंह चौक रोड, लोहारू रोड, घिकाड़ा रोड, जांगड़ा मार्केट, पुरानी सब्जी मंडी मार्केट, शनि मंदिर वाली गली, हरि नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, प्रेम नगर, गांधी नगर, चंपापुरी, एमसी कॉलोनी, दयानंद कॉलोनी, मथुरी घाटी चरखी दरवाजा, दशनामी अखाड़ा, बधवाना गेट आदि क्षेत्रों में जलभराव हुआ। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

- 12 स्थानों पर लगाई मोटर, दो ट्रैक्टर पंप का लिया सहारा
रविवार दोपहर दो बजे बारिश रुकी और इसके तुरंत बाद जनस्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्राउंड में उतर गईं। टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पानी की निकासी करने के लिए 12 मोटरें चालू की जबकि दो ट्रैक्टर इंजन का भी सहारा लिया। विभाग की ओर से रोहतक फाटक, घिकाड़ा रोड, रोहतक चौक, रेलवे रोड, सीसीआई के पास, गांधी नगर आदि क्षेत्रों में रखी मोटरें चालू कर पानी की निकासी शुरू की गई और देर शाम तक भी पानी की निकासी नहीं हो पाई।


शहर में लगी सभी मोटरें चालू हैं और इनके जरिये पानी की निकासी की जा रही है। सोमवार सुबह तक पानी की निकासी कर दी जाएगी। दो ट्रैक्टर पंप भी हमने पानी निकासी कार्य में लगा
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दिए है। जल्द से जल्द पानी निकासी का हम प्रयास कर रहे हैं।
बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग

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