सिविल जज मुकेश कुमार ने पंचायत निकाय चुनाव मामले में सुनवाई करते हुए ब्लॉक समिति वार्ड नंबर छह के चुनावी रिजल्ट पर रोक लगाते हुए वार्ड के बूथ नंबर 79 में दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है। मतदान का पूरा खर्च तात्कालिक पोलिंग अधिकारी से वसूलने के आदेश दिए हैं। यहां से विजेता प्रत्याशी को फिलहाल सस्पेंड कर दिया है।
सिविल जज मुकेश कुमार की अदालत ने हिसार सेकेंड ब्लॉक समिति वार्ड नंबर छह के चुनाव को लेकर फैसला सुनाया। 10 जनवरी 2016 को इस ब्लॉक समिति सदस्य के लिए मतदान हुआ था, जिसमें बूथ नंबर 79 में मतदान में बैलेट पेपर के दुरुपयोग की शिकायत थी। महिला के लिए आरक्षित इस वार्ड में निशा विजेती रही थीं। महज सात वोट से हारकर दूसरे स्थान पर रही प्रत्याशी सुशीला ने बूथ नंबर 79 में वोटों की गड़बड़ी का आरोप लगाया था। ब्लॉक समिति के सदस्यों का चुनाव बैलेट पेपर के जरिये कराया गया था। सुशीला ने शिकायत दी थी कि बैलेट पेपर को लेकर पोलिंग ऑफिसर ने लापरवाही बरती थी। करीब एक साल तक केस की सुनवाई होती रही। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस ब्लॉक समिति के बूथ नंबर 79 में दोबारा मतदान कराया जाए। यह मतदान एक महीने के अंदर कराया जाए। इस चुनाव का जो खर्च आएगा, वह तात्कालिक पोलिंग अधिकारी से वसूला जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी तात्कालिक पोलिंग अधिकारी के खिलाफ जांच भी करेंगे। मतदान के बाद दोबारा से मतगणना कराई जाएगी। इन रिजल्ट को जोड़कर नया रिजल्ट घोषित किया जाएगा। मतदान होकर नया रिजल्ट जारी होने तक इस वार्ड से विजेता प्रत्याशी निलंबित रहेंगी। अदालत की ओर से जारी किए गए आदेश की प्रति जिला प्रशासन को भेजी गई है।
बैलेट पेपर पूरे ही थमा दिए
अदालत में याचिकाकर्ता सुशीला ने बताया कि इस बूथ पर अधिकतर अनपढ़ मतदाता थे। पोलिंग टीम ने लोगों ने बैलेट पेपर का आधा हिस्सा देने की बजाय पूरा हिस्सा ही दे दिया। इस कारण कुछ लोगों ने गलत जगह पर ठप्पा लगा दिया। ऐसा होने के कारण उनके वोट रद्द हो गए।