जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतप्रकाश की अदालत ने नाबालिग लड़की से दुराचार करने के जुर्म में एक दोषी को दस साल का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार एक महिला ने नौ जुलाई को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह आठ जुलाई शाम को अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई हुई थी। उसकी बेटी प्यास लगने पर कुएं पर पानी पीने के लिए गई।
उसी दौरान कुएं पर बैठे संजय ने उसे दबोच लिया और दुराचार किया। किशोरी द्वारा बचाव में शोर मचाए जाने पर उसकी मां मौके पर पहुंच गई। जिन्हें देखकर आरोपी संजय उन्हें बुरा अंजाम भुगतने की धमकी देता हुआ फरार हो गया था।
पुलिस ने पीड़िता का सामान्य अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इसमें दुराचार की पुष्टि हुई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर संजय के खिलाफ दुराचार करने, जान से मारने की धमकी देने और पास्को के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था।
वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतप्रकाश की अदालत ने संजय को दस वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।