रामपाल के जेल में जाने के एक साल बाद भी पुलिस रामपाल का नेटवर्क नहीं तोड़ सकी है। रामपाल की पेशी की जानकारी मिलते ही हजारों की संख्या में समर्थक हिसार पहुंच जाते हैं। रामपाल समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
रामपाल के आश्रम को ध्वस्त करने के बाद पुलिस ने 959 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस का दावा था कि आश्रम से जुड़े सभी राजदार तथा अहम लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आश्रम संचालन से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद भी रामपाल का नेटवर्क बरकरार है। देश के अलग-अलग राज्यों से रामपाल समर्थक एक मैसेज से किसी भी कोने में पहुंच जाते हैं।
पिछले एक साल में रामपाल समर्थक हिसार, राजस्थान, दिल्ली में प्रदर्शन कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार नेपाल से भी रामपाल समर्थक हिसार तक पहुंचते हैं। कुछ खास लोगों के पास मोबाइल नेटवर्क है।
जो रामपाल की पेशी की सूचना इन समर्थकों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
रामपाल केस में सरकार ने करीब 19 करोड़ रुपये खर्च किया था। सरकार की ओर से यह खर्च रामपाल से ही वसूलने का दावा किया गया था।
इस मामले में अब तक कुछ नहीं हो सका है। रामपाल की गिरफ्तारी से पहले करीब दस दिन तक बरवाला को छावनी बना दिया गया था। प्रदेश भर की पुलिस के अलावा मिलट्री फोर्स तक को बुलाया गया था। उसके बाद कहीं जाकर सतलोक आश्रम का मुखी पुलिस के हत्थे चढ़ सका था।