राखीगढ़ी हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट
राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। पुरातत्व विभाग ने अब तक पांच टीलों की जमीन को एक्वायर किया है। माना जा रहा है कि यह सभ्यता सरस्वती नदी के किनारे बसी थी। सरस्वती नदी की सहायक नदी दृष्टवती यहां से बहती थी। करीब 28 साल पहले एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने यहां खुदाई का फैसला लिया। 1997-98 में अमरेंद्र नाथ की अगुवाई में राखीगढ़ी में टीले नंबर 6 और 7 की खुदाई की गई।
टीले नंबर 7 से तब एक मानव कंकाल मिला था। यह कंकाल अब दिल्ली स्थित नेशनल म्यूजियम में रखा हुआ है। राखीगढ़ी में दूसरी बार डेक्कन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वसंत सिंधे की निगरानी में चली खोदाई में 6-7 नंबर टीले के साथ 1-2 की भी खुदाई की थी। जिसमें करीब 60 कंकाल मिले थे। जिनके डीएनए से अनुमान लगा कि यह सभ्यता करीब साढ़े 5 हजार वर्ष पुरानी है। इसमें सूखी नदी, बर्तन, कुएं आदि भी मिले। इसके बाद 2023-24 में खुदाई का काम एएसआई ने अपने हाथ में ले लिया। एएसआई के अपर महानिदेशक डॉ. संजय कुमार मंजुल की अगुवाई में खुदाई हुई तो इस टीले पर छह हजार वर्ष पुरानी मकान की दीवार, शंख की चूड़ी, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें मिली थीं।