राजगुरु मार्केट एसोसिएशन के हाथों से एक बार फिर पार्किंग व्यवस्था छिन सकती है। नगर निगम मार्केट की पार्किंग को लेकर ई टेंडरिंग करने की तैयारी में है। दिवाली पर मार्केट में वाहनों को लेकर हुई अव्यवस्था के चलते निगम अधिकारियों ने एसोसिएशन पदाधिकारियों को फटकार लगाई थी, जिस पर एसोसिएशन महासचिव सुरेंद्र बजाज ने खुद कहा था कि हम तो व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं फिर भी नगर निगम नहीं चाहता तो वे 31 तक व्यवस्था संभाल पाएंगे। इसके बाद वे निगम को वापस पार्किंग संभलवा देंगे। उधर इस मामले के बाद नगर निगम सचिव ने कहा है कि वे अब ई टेंडरिंग की तैयारी करेंगे। तीन महीने के लिए दी गई पार्किंग ट्रायल स्तर पर ही एसोसिएशन नहीं संभाल रही।
निगम को एतराज, एसोसिएशन ने दे दी आगे ठेकेदार को
नगर निगम के अधिकारियों व प्रशासन को एतराज है कि एसोसिएशन ने पार्किंग व्यवस्था को आगे किसी ठेकेदार को सौंप दिया। अधिकारियों का कहना है कि अगर ठेकेदार को ही देनी थी तो निगम भी ऐसा खुद कर सकता था। इससे निगम को आय भी होती और व्यवस्था भी सीधे रूप में निगम की निगरानी में रहती।
प्रधान बोले हम नहीं लिखकर देंगे निगम को
एसोसिएशन के प्रधान राजेश जैन ने बताया कि वे निगम को लिखकर नहीं देंगे। निगम ने हमें तीन महीने की ट्रायल पर पार्किंग दी है। हमारे हिसाब से पार्किंग व्यवस्था ठीक है। खुद एसडीएम साहब ने तारीफ की थी। हां निगम सचिव ने जरूर व्यवस्था को खराब बताया था। प्रशासन के दो अधिकारियों की ही एक बात नहीं है। दोनों के अलग अलग विचार है इसमें हमारी कोई गलती नहीं।
सचिव पर लगाए आरोप
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाए हैं कि सचिव महता ने अभी तक डीसी साहब ने जो अप्रूवल दी थी उसका ओरिजनल लेटर हमें नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि अप्रूवल की कॉपी का हमने कहीं से इंतजाम किया था। डीसी साहब की अनुमति के बाद भी सचिव ने लेटर दबा लिया।
31 अक्तूबर तक का समय था। एसोसिएशन द्वारा इस बारे में लिखित में देते ही पार्किंग की ई टेंडरिंग करवाई जाएगी। ई टेंडरिंग के माध्यम से पार्किंग का ठेका दिया जाएगा। वहां व्यवस्था ठीक नहीं चल रही।
- राजेश महता, सचिव नगर निगम
हम लिखकर नहीं देंगे। डीसी साहब ने हमें तीन महीने की ट्रायल पर दिया था। हमारी व्यवस्था ठीक है। हमने अप्रूवल लेते समय ही यह शर्त रख दी थी कि हम नो प्रॉफिट नो लॉस पर आगे एजेंसी को दे सकते हैं। अब व्यापारी खुद पार्किंग कैसे संभालेंगे। वे दुकान चलाएंगे या पार्किंग।
- राजेश जैन, प्रधान राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन