राजगुरु मार्केट में कचरा फेंकने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कचरा फेंकने के मामले में ईओ इंद्रजीत कुलड़िया ने जांच पूरी कर दी है। जांच में ईओ ने एसआई राजेश को दोषी माना है। कार्रवाई करते हुए राजेश को चार्जशीट कर दिया है। इसके अलावा दो अन्य कर्मचारियों को भी सजा दी गई है। सजा के तौर पर एएसआई का चार दिन का वेतन काटा गया है और सफाई दरोगा को चेतावनी दी गई है।
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अक्षय मलिक सहित छह पदाधिकारियों की दुकानों के सामने कचरा डलवा दिया था। कचरा डालते हुए नगर निगम के सफाई कर्मचारी व दरोगा की दुकानदारों ने मौके पर वीडियो बना ली। इस मामले को लेकर रोष स्वरूप दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए थे। दो से तीन दिन तक धरना चलता रहा। बाद में नगर निगम अधिकारियों ने माफी मांगी इसके बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त किया।
दरोगा ने खोले थे राज किसी उच्च अधिकारी के हैं आदेश
मौके पर व्यापारियों के सामने ही कचरा डलवा रही दरोगा ने साफ कहा था कि उन्हें तो उच्च अधिकारियों के आदेश मिले हैं। बाइक पर एक एएसआई उन्हें खुद बैठाकर यहां लाया था। अभी तक छह दुकानों पर कचरा डाला गया है। उन्हें तो 9 दुकानों की लिस्ट मिली है। इतना ही नहीं दरोगा ने खुलासा किया था कि आज केवल इतना ही काम करना था। राजगुरु मार्केट के व्यापारियों के दूसरे गुट की दुकानों के सामने अगले दिन कचरा डालने की प्लानिंग उच्च अधिकारियों द्वारा दी गई थी।
जांच में एसआई राजेश दोषी पाया गया है। एसआई को चार्जशीट कर दिया है। इसके अलावा एएसआई का चार दिन का वेतन काटा गया है और महिला दरोगा को वार्निंग दी गई है।
- इंद्रजीत कुलड़िया, ईओ नगर निगम।