राजगुरु मार्केट पार्किंग को लेकर सिविल जज मुकेश कुमार की कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट में नगर निगम, राजगुरु मार्केट वेलफयर एसोसिएशन व ठेकेदार के वकीलों के बीच बहस हुई। तीनों वकीलों ने अपना अपनी पार्टी का पक्ष रखा। बहस के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख रख दी।
ये रखे तीनों ने अपने पक्ष
ठेकेदार
ठेकेदार के वकील ने कहा कि नगर निगम व एसोसिएशन ने मिलीभगत कर उनसे जानबूझकर पार्किंग का ठेका छुड़वाया है। वकील ने कहा कि उन्हें पार्किंग में पीली पट्टी लगाने को लेकर नोटिस जरूर दिया गया था उन्होंने कभी शर्तें पूरी करने से इंकार नहीं किया। रही बात वेलफेयर एसोसिएशन की आज तक वहां कोई पीली पट्टी नहीं लगाई। ठीक है ठेकेदार का ठेका कैंसल कर दिया, लेकिन क्या वेलफेयर ने सारी शर्तें पूरी कर दी। इससे साफ जाहिर है कि निगम अधिकारी व वेलफेयर ने मिलीभगत कर ठेका रद्द किया है।
एसोसिएशन
राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के वकील की तरफ से दलील दी गई कि वे बिना ठेकेदार बढ़िया पार्किंग चला रहे हैं। कर्मचारियों का खर्च भी दुकानदार उठा रहे हैं। टू व्हीलर फ्री पार्क करवाए जा रहे हैं। ठेकेदार से अच्छी व्यवस्था की गई है।
निगम
निगम की तरफ से वकील ने पक्ष रखा कि एसोसिएशन बार बार व्यवस्था ठीक न होने को लेकर शिकायत कर रही थी। टेंडर के अनुरूप ठेकेदार शर्तें भी पूरी नहीं कर रहा था। नोटिस देने के बावजूद ठेकेदार ने शर्तें पूरी नहीं की। नियमों के अनुसार पूरी नोटिस प्रक्रिया के बाद ठेका रद्द किया गया है।
आज तीनों पार्टियों ने अपना अपना पक्ष रखा। कोर्ट में पार्किंग मामले पर वकीलों ने बहस भी की। कोर्ट ने आगे की तारीख सुनवाई के लिए रख दी है।
- रामकुमार पैरोकार, नगर निगम
उधर अतिक्रमण की फाइल दोबारा पहुंची डीसी कार्यालय
नगर निगम ने उधर राजगुुरु मार्केट में अतिक्रमण हटाने को लेकर दोबारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस फोर्स देने के लिए फाइल डीसी कार्यालय भेज दी है। नगर निगम एक्सईएन रामजीलाल ने बताया कि फाइल भेजी जा चुकी है आदेश मिलते ही दुकानों के आगे बने चबूतरे व अतिक्रमण तोड़ दिया जाएगा।