हांसी। जिला पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। पीएसआई नवीन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोमवार को जाट धर्मशाला में लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठग कभी बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी बनकर, तो कभी बैंक खाते की जानकारी अद्यतन कराने, इनाम, नौकरी, ऋण या निवेश का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाते हैं। ठग संदेश के माध्यम से संदिग्ध कड़ियां भेजकर भी बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि एकमुश्त पासवर्ड (ओटीपी), एटीएम का गुप्त अंक, कार्ड का सुरक्षा अंक (सीवीवी), कार्ड नंबर, इंटरनेट बैंकिंग का पिन कोड या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। किसी अनजान कड़ी पर क्लिक न करें और अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई एप डाउनलोड न करें। संदिग्ध संदेशों, आकर्षक प्रस्तावों, सस्ते सामान, ऑनलाइन नौकरी, ऋण और पुरस्कार के झांसे से भी बचें।
ठगी के तुंरत बाद 1930 पर शिकायत करें :
सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के लिए मजबूत कोड रखने और किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल या बैंकिंग जानकारी तक पहुंच न देने की सलाह दी गई। पुलिस की ओर से बताया गया कि ठगी के बाद तुरंत 1930 पर शिकायत करने से रकम को आगे स्थानांतरित होने से रोकने या रुकवाने की कार्रवाई की संभावना बढ़ती है। लोगों से बुजुर्गों, बच्चों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की गई।
ब