बस स्टैंड के नजदीक स्थित तलाकी गेट में एक होटल पर रविवार रात को बीएसएफ ने छापेमारी की। बीएसएफ अधिकारियों सहित एक टीम अचानक होटल पहुंची और यहां से एक व्यक्ति को अपने साथ लेकर चली गई।
इस कार्रवाई का यहां की इंटेलीजेंस और पुलिस को करीब 12 घंटे बाद पता चला। इससे यह तो पता चल गया कि आतंकवादी घटनाओं को लेकर हमारी सरकार कितनी संजीदा है। हालांकि होटल में रुका हुआ व्यक्ति बीएसएफ का ही कांस्टेबल बताया गया है।
बीएसएफ की इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने पठानकोट में हुई आतंकवादी घटना से जोड़कर देखा। क्योंकि वहां भी आतंकवादी सेना की वर्दी पहनकर आए थे। लोगों में चर्चा थी कि कहीं सेना की वर्दी में ही तो कोई संदिग्ध हिसार में न घुस आया हो।
मामले की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस, इंटेलीजेंस और खुफिया तंत्र में हड़कंप मच गया। पहले एसपी सिक्योरिटी, सीआईडी और आईबी के सदस्य होटल में पहुंचे। उसके बाद डीएसपी हेडक्वार्टर भगवानदास मौके पर पहुंचे और होटल मालिक से बातचीत की। पूछताछ के बाद टीम वापस लौट गई।
आतंकी घटना को लेकर जारी है हाई अलर्ट
पठानकोट में हुई आतंकवादी घटना के बाद पंजाब हरियाणा सहित सीमावर्ती राज्यों में हाई अलर्ट जारी है, मगर हिसार स्थित इंटेलीजेंस आराम फरमा रही है।
बड़ी चूक है कि रात को करीब 9 बजे बीएसएफ ने एक होटल में छापामारी की, लेकिन न यहां की इंटेलीजेंस को पता चला और न ही स्थानीय पुलिस को। सुबह करीब 10 बजे करीब 12 घंटे बाद जब मीडिया कर्मियों को भनक लगी तो पूरा मामला पुलिस के पास पहुंचा। बाद में इंटेलीजेंस और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मचा। इंटेलीजेंस और पुलिस ने होटल पर पहुंचकर पूरी जानकारी ली।
खुद को बीएसएफ से बता रहा था व्यक्ति : होटल मैनेजर
होटल मैनेजर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह व्यक्ति खुद को बीएसएफ से बता रहा था। उसने आरंभ में यह बताया कि उसका एक और साथी भी यहां आने वाला है।
दोपहर एक बजे वह यहां आया। एक नंबर रूम में ठहरा और कुछ देर बाद सिटी थाने जाने की बात कहकर चला गया। बाद में वह शाम साढ़े पांच बजे वापस आया।
शाम को वह यहां आकर कुछ भोजन पकाने लगा। करीब साढ़े आठ बजे उसके पास एक नंबर से कॉल आई, वह खुद को बीएसएफ का अधिकारी बता रहा था। कुछ देर बाद ही सात-आठ अधिकारी और जवान वहां पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए।
छह महीने पहले भी रुका था यहां पर
होटल मालिक ने बताया कि खुद को बीएसएफ का जवान बताने वाला वह व्यक्ति छह महीने पहले भी यहां एक-दो दिन तक रुका था। होटल मैनेजर के अनुसार रविवार को जब वह यहां आया तो उसके पास दो अलग-अलग आईडी भी थी। उसके आधारकार्ड की आईडी लेकर उसने एंट्री की। उसके पास एक कागज भी था, जिस पर एक और साथी का नाम था। इस पर उसने फ्लूड लगाया हुआ था।
सीसीटीवी में कैद, पर एलईडी खराब
होटल मैनेजर ने बताया कि उनका सीसीटीवी काम कर रहा है, मगर एलईडी खराब है। उसने हालांकि एसपी सिक्योरिटी और सीआईडी को टीवी में जुगाड़ कर रिकॉर्डिंग दिखाने की कोशिश की, मगर वह जुगाड़ नहीं कर पाए। इंटेलीजेंस ने आसपास के लोगों से बात की तो कुछ लोगों का आरोप था कि इस होटल में अनैतिक गतिविधियां अकसर चलती हैं।
फोन पर हुआ संपर्क तो पुलिस ने ली राहत की सांस
मामले से मचे हड़कंप के बाद डीएसपी हेडक्वार्टर भगवानदास मौके पर पहुंचे। पूछताछ के दौरान उन्हें दो मोबाइल नंबर मिले। इन नंबरों से पुलिस ने संपर्क किया तो सामने वाले ने बताया कि जवान को रोहतक पीजीआई में भर्ती करवाया गया है। वह बीमार था और बिना बताए बेस कैंप से चला आया। किसी साथी ने सूचना दी तो टीम उसे लेने के लिए पहुंच गई।
होटल गए थे, वहां कोई मामला नहीं था। बीएसएफ का कांस्टेबल था, जिसे रोहतक जाना था। जब वह बेड पर नहीं मिला तो उसकी बीएसएफ ने तलाश शुरू की। किसी ने बताया कि वह होटल में है तो जवान उसे अपने साथ ले गए, जो फिलहाल रोहतक पीजीआई में है। - भगवानदास, डीएसपी हेडक्वार्टर