रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर।
हिसार। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के मद्देनजर तीन माह पहले ही प्रवेश द्वार पर लगाया गया डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) अब बंद पड़ा है। यहां किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे है। हालांकि शुरुआत में यहां कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी। मगर अब डिटेक्टर बंद होने के कारण कोई कर्मचारी नहीं है।
अधिकारियों की मानें तो अभी रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है। स्टेशन चारों ओर से खुला है। ऐसे में चारों और कांच लगाकर कवर किया जाएगा। उसके बाद ही डिटेक्टर शुरू करने का फायदा है। अभी एक और डिटेक्टर आरपीएफ कार्यालय में रखा हुआ है तो एक डिटेक्टर प्रवेश द्वार पर है। जोकि बंद पड़ा है। कांच से रास्ता कवर होने के बाद यहां एक और डिटेक्टर लगाए जाने की बात कही जा रही है। उसके बाद एक गेट से एंट्री और दूसरे गेट से बाहर का रास्ता होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन पर फिलहाल 34 कैमरे लगे हुए हैं।
ऐसे काम करता है डीएफएमडी
आरपीएफ थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) के अंदर से गुजरने वाले व्यक्ति के पास यदि मेटल का कोई भी सामान है तो मशीन से बीप की आवाज आनी शुरू हो जाएगी और लाल बत्ती जल जाएगी। यदि कोई हथियार या अन्य हैवी मेटल होने पर इससे मशीन की सभी लाल बत्तियां जल जाएंगी और बीप की आवाज तेज हो जाएगी। इसके लिए इस मशीन के पास आरपीएफ का जवान तैनात रहेगा। शक होने पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से उसकी जांच की जाएगी।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के मद्देनजर एक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाया गया था। अभी स्टेशन पर काम चल रहा है। इस कारण रास्ता खुला है। ऐसे में इस स्थिति में डिटेक्टर चालू करने का कोई फायदा नहीं है। कांच लगाकर चारों और से कवर किया जाएगा। उसके बाद डिटेक्टर चालू कर आसानी से चेकिंग की जा सकेगी।
- सुनील कुमार, थाना प्रभारी, आरपीएफ, हिसार।