सेक्टरों में सड़कों की खस्ता हालात को लेकर ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए को पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट की शरण लेनी पड़ी है। ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए ने हुडा व नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों को यूटीलिटी कोर्ट के माध्यम से नोटिस भिजवाया है। सेक्टरवासियों ने इसमें चार लोगों को पार्टी बनाया है। इसमें चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हुडा, इस्टेट ऑफिसर हुडा, यूएलबी डायरेक्टर व नगर निगम कमिश्नर शामिल हैं। कोर्ट नोटिस के आधार पर इन्हें 11 अप्रेल को जवाब पेश करना है।
ये बनाया आधार
ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए के प्रधान यशवीर मलिक व सेक्टर 13 आरडब्ल्यूए प्रधान सुभाष सैनी ने आधार बनाया है कि सेक्टरों की हालात बेहद खराब है। सड़कें टूटी हुई हैं। हालात इतने खराब हैं कि हर रोज हादसे हो रहे हैं। छोटे बच्चे, महिलाएं टू व्हीलर लेकर जाते समय गिर जाते हैं। बड़े वाहनों को भी इन सड़कों पर चलाने से वाहनों में नुकसान होता है साथ ही लोगों को भी परेशानी हो रही है।
हुडा अधिकारी कहते हैं निगम बनाएगा, निगम कहता है हुडा बनाएगा
आरडब्ल्यूए का कहना है वे इन मांगों को लेकर कभी हुडा अधिकारियों के पास जाते हैं तो कभी नगर निगम अधिकारियों के पास। हुडा अधिकारी कहते हैं कि डेवलेप हुए सेक्टर निगम को हैंडओवर हो चुके हैं अब ये जिम्मेवारी उनकी है और सड़कें निगम ही बनाएगा। उधर निगम अधिकारी पूरा मामला हुडा अधिकारियों पर डाल देते हैं।
लावारिस पशुओं के मामले को भी उठाया
यूटीलिटी कोर्ट में लावारिस पशुओं जिनमें गाय, सांड व बंदरों को लेकर भी लोगों की समस्या को मुद्दा बनाया गया है। सेक्टरवासियों का कहना है कि लावारिस पशुओं ने सेक्टरों में लोगों के घरों के सामने पशुबाड़ा बनाया हुआ है। दिन हो या रात घरों के सामने दर्जनों पशु बैठे रहते हैं। ये पशु लोगों पर हमला करते हैं। इसी तरह बंदरों का आतंक है। छोटे बच्चों व बुजुर्ग लोगों को बंदर काट लेते हैं। लावारिस पशु कई लोगों को शिकार बना चुके हैं।
इन सेक्टरों की सड़कों की हालात खस्ता
सेक्टर 13, सेक्टर 14, सेक्टर 15, सेक्टर 16-17, सेक्टर 9-11, सेक्टर 1-4, सेक्टर 29-28, अर्बन इस्टेट टू, सेक्टर 13 पार्ट टू, रेड स्क्वायर व ग्रीन स्क्वायर मार्केट, पीएलए की सड़कों की हालात खस्ता है।
सेक्टरों की सड़कें कई महीने से टूटी हुई हैं। न नगर निगम व न ही हुडा अधिकारी ध्यान दे रहे हैं। यूटीलिटी कोर्ट में केस डाला गया है। कोर्ट चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हुडा, इस्टेट ऑफिसर हुडा, यूएलबी डायरेक्टर व नगर निगम कमिश्नर को नोटिस भेजा है। इन पार्टियों को 11 अप्रैल को कोर्ट में जवाब देना है।
- योगेश सिहाग, एडवोकेट