पंचायत चुनावों में भाजपा सरकार द्वारा
थोपी गई असंवैधानिक शर्तों के खिलाफ बुधवार को विभिन्न जनसंगठनों ने सड़क
पर उतरते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
लोकतंत्र बचाओ मंच के बैनर तले किए गए
इस प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों ने लघु सचिवालय तक विरोध जुलूस निकाला
और डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए पंचायत चुनावों में लागू की गई शर्तों को
तुरंत वापस लेने की मांग की।
इससे पूर्व सैकड़ो महिलाओं सहित विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक पार्टियों के
प्रतिनिधि एचएयू के गेट नंबर चार के सामने स्मृति पार्क में एकत्र हुए और
सरकार के फैसले पर कड़ा रोष प्रकट किया।
इस बैठक की अध्यक्षता जनवादी महिला
समिति की अध्यक्ष शकुंतला जाखड़, कामरेड रूप सिंह, हजकां जिला प्रधान
रणधीर पनिहार, कांग्रेस से भीम महेशवाल, कुम्हार महासभा से वीरेंद्र
बागोरिया, दिनेश सिवाच और याचिकाकर्ता कमलेश कैमरी ने की। वहीं मंच संचालन
सतबीर पूनिया और पूर्व पार्षद सुरेश कुमार ने किया।
इस दौरान बतौर मुख्य
वक्ता रोहतक से डॉ. रणबीर सिंह दहिया ने शिरकत की। इसके साथ ही एचएयू से
डॉ. अर्जुन राणा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सतेंद्र सिंह, नागरिक मंच से आरसी
जग्गा विशेष तौर पर उपस्थित थे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा ने
पंचायत चुनावों में शैक्षणिक योग्यता जैसी कई असंवैधानिक शर्तों को थौंप कर
लोकतांत्रिक व्यवस्था का गला घोंट दिया है।
यह आम लोगों के मौलिक अधिकारों
का हनन है। उन्होंने कहा कि अगर सभी शर्तों को ध्यान में रखा जाता है तो
85 प्रतिशत लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
इस दौरान मामले की सुप्रीम कोर्ट
में पैरवी कर रहे एडवोकेट विक्रम मित्तल ने सभी कानूनी पहलुओं से अवगत
कराया। प्रदर्शन के दौरान फैसला लिया गया कि 30 जनवरी को सभी राजनीतिक,
सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की
जाएगी।