ट्रैक्टर पर सवार होकर लघु सचिवालय पहुंचते किसान।
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केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में सोमवार को जिले भर के किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता निहाल सिंह डांगी ने की और मंच संचालन राष्ट्रीय प्रगतिशील कृषक पुरस्कार विजेता सुरेंद्र सिंह आर्य ने किया।
इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीन अध्यादेशों को लेकर जमकर नारेबाजी की और इन अध्यादेशों को किसान विरोधी करार देते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि फार्मरज प्रोड्यूस ट्रेड व कॉमर्स अध्यादेश, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में बदलाव व कांट्रेक्ट फार्मिंग अध्यादेश के माध्यम से केंद्र सरकार किसानों को एक बार फिर से बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। सरकार द्वारा डीजल के रेट में दिनोंदिन की जा रही वृद्धि व लंबे अंतराल के बाद भी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू न करने पर रोष जताया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार किसान विरोधी अध्यादेश वापस ले और डीजल तेल के रेट 55 से 60 रुपये के बीच प्रति लीटर निश्चित करे। इसके साथ ही बिजली पानी की किसान की आवश्यकता के अनुसार पूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन को दिलबाग सिंह हुड्डा, सतबीर सिंह पूनिया, विकास सीसर, बबलू खरड़, शमशेर नंबरदार, मास्टर सतबीर गढवाल, जेपी ज्याणी व सतबीर झाझड़िया आदि किसान नेताओं ने संबोधित किया।