हांसी जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करती महिलाएं। संवाद
हांसी। मनरेगा खत्म करने के विरोध में मनरेगा सहयोग मंच और भारतीय किसान मजदूर यूनियन के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की संयुक्त रूप से अध्यक्षता मंच के जिला प्रधान बलराज मय्यड़ और भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष सुरेश कोथ ने की। इस दौरान तहसीलदार डॉ. अनिल बिढ़ान को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
कार्यक्रम का संचालन अनूप कुमार ने किया। मनरेगा सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम अवतार सुलचानी और धर्मपाल बडाला ने प्रदर्शन की अगुवाई की। वक्ताओं ने मनरेगा को समाप्त करने की कथित नई व्यवस्था विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) की निंदा की और इसके खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई योजना मजदूरों के रोजगार की गारंटी को खत्म करती है और फंड की उपलब्धता के आधार पर काम देने की व्यवस्था लागू कर मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
वक्ताओं ने नहरों, रजवाहों और नालों की मिट्टी निकालने तथा सफाई जैसे कार्य ठेकेदारों को सौंपे जाने की भी आलोचना की। आरोप लगाया कि मजदूरों के रोजगार के अवसर छिन रहे हैं।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के पंजाब राज्य अध्यक्ष लाभ सिंह ने कहा कि पंजाब समेत सभी राज्यों से मजदूर बजट सत्र के दौरान संसद मार्च करेंगे। प्रदर्शन में जोगिंदर मय्यड़, सोमबीर भगाना, कपूर सिंह बामल, बलवान दलाल, केएल ग्रोवर, जिला सचिव कृष्ण कुमार सहित बड़ी संख्या में मजदूर नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ये मांगें उठाईं :
प्रदर्शन के दौरान मांग उठाई कि मजदूरों को पूरे साल काम दिया जाए, न्यूनतम 700 रुपये दैनिक मजदूरी तय की जाए, नरेगा में कार्यरत सभी कर्मचारियों व मेट्स को पक्का किया जाए। साथ ही दुर्घटना में मौत होने पर आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई।