गांव फूलकां के ग्रामीणों ने सोमवार को चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक निजी अस्पताल के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण ही सड़क हादसे में घायल हुए युवक को अपनी टांग कटवानी पड़ी। थाना प्रभारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया।
प्रदर्शनकारी ओमप्रकाश, कालूराम, राम प्रताप सरपंच, गुनाराम, जगदीश कुमार, केसूराम, मोहन लाल, राकेश कुमार, मांगेलाल, देवीलाल और पालाराम ने बताया कि फूलकां निवासी कर्ण 20 नवंबर को नेशनल हाईवे पर गांव मोरीवाला के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था।
हादसे में कर्ण की टांग में फ्रैक्चर हो गया। जिसे इलाज के लिए डबवाली रोड स्थित एक हड्डियों के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर 22 नवंबर को उसका आपरेशन हुआ। आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद चिकित्सक ने कर्ण को जयपुर रैफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने कर्ण की टांग काट दी।
उन्हें कहा गया कि यदि टांग नहीं काटी जाती तो उसके जीवित रहने के आसार नहीं थे। वहां के चिकित्सकों ने सिरसा में हुए आपरेशन पर सवाल उठाए। सोमवार को परिजन गांव फूलकां के अनेक ग्रामीणों के साथ निजी अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने चिकित्सक पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी दलीप सिंह मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियाें को शांत किया।