फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: शहर के व्यावसायिक भवनों का होगा सर्वे, प्रॉपर्टी टैक्स की फिर होगी जांच

Wed, 02 Jul 2025 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
विज्ञापन
 नगर परिषद सिरसा का प्रॉपर्टी टैक्स कार्यालय। 
विज्ञापन
सिरसा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आदेश के बाद अब शहर के व्यावसायिक भवनों के प्रॉपर्टी टैक्स की जांच एक बार फिर होने जा रही है। सरकार का मकसद सीधे तौर पर नगर परिषदों को आत्मनिर्भर बनाना है।
विज्ञापन

सरकार के पास पहुंचने वाली रिपोर्ट के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स को पूरी तरह से अपडेट नहीं किया गया है। हर साल 1,000 से 2,000 के बीच नई प्रॉपर्टी तैयार होती है, जो पूर्व में खाली प्लाट थी। इतना ही नहीं, बहुमंजिला भवन भी बनते हैं जिनमें कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की श्रेणी में रखा जाता है।

मगर, उनमें कई ऐसे होते हैं जो स्पेशल कैटेगिरी में रखने योग्य होते हैं। इसी आधार पर अब शहर की कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की जांच होगी और डाटा पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा।
विज्ञापन


नगर परिषद अगर पुन: सर्वे कर व्यावसायिक भवनों की जांच करती है तो उसके प्रॉपर्टी टैक्स में लाखों रुपये की बढ़ोतरी होगी। विशेष श्रेणी की प्रॉपर्टी मौजूदा समय में बहुत कम दर्शाई गई है। सबसे ज्यादा पैसा स्पेशल कैटेगिरी से ही नगर परिषद को आता है। अगर सही से जांच हुई तो नगर परिषद को काफी फायदा होगा।
बड़े बकायेदारों को भी नोटिस होंगे जारी

नगर परिषद प्रशासन की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायदारों को भी नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि कोई बकाया प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरता है तो उसके भवन को सील करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। नगर परिषद प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है।
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर दोबारा सर्वे किया जाएगा। खासतौर पर कॉमर्शियल भवनों का सर्वे करवाया जाएगा और उनकी श्रेणी की जांच होगी। इसका मकसद प्रॉपर्टी टैक्स को दुरुस्त करना है और सही टैक्स वसूलना है ताकि नगर परिषद की आय में बढ़ोतरी हो। - सुनील रंगा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।

नई बनी भवनों की बदलेगी श्रेणी

नगर परिषद का सर्वे याशी कंपनी द्वारा किया गया था। याशी कंपनी के बाद त्रुटियों को दूर करने का प्रयास किया गया और सरकार ने स्वयं सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी। ऐसे में कई प्रॉपर्टी की श्रेणी में बदलाव भी देखने को मिला। नगर परिषद की प्रॅापर्टी टैक्स से इनकम बढ़ाने की कवायद के चलते अब प्रॉपर्टी टैक्स की श्रेणियों की जांच की जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें