प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वालों पर नगर निगम कार्रवाई करने की तैयारी में है। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर नगर निगम जल्द ही बड़े बकायादारों की प्रॉपर्टी सील करेगा।
यह कार्रवाई ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों व डिपार्टमेंट हेड पर होगी जो सालों से लाखों के एरियर दबाये हुए हैं। निगम बार बार उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स बिल भेजकर थक चुका है।
आखिरी हथियार अब निगम के पास कोर्ट के माध्यम से प्रॉपर्टी अटैच करवाकर उन्हें सील किए जाने का ही रह गया है। निगम रिकॉर्ड के अनुसार शहर भर में प्रॉपर्टी टैक्स का एरियर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये के बीच में है।
बस स्टैंड, हुडा, एचएयू व जीजेयू के लाखों बकाया
टैक्स ब्रांच के इंचार्ज राजकुमार शर्मा ने बताया है कि सरकारी डिपार्टमेंट के लाखों रुपये के एरियर बकाया है। जिनमें हुडा के दस लाख, बस स्टैंड के 33 लाख, एचएचू व जीजेयू के 40-40 लाख से अधिक का एरियर बकाया है। निगम अधिकारियों की मानें तो इनका प्रॉपर्टी टैक्स सालों से ही नहीं जमा हो रहा।
अस्पताल, बैंक्वेट हाल व इंडस्ट्रीयल एरिया से भी नहीं आया टैक्स
नगर निगम में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी मालिकों ने काफी कम प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाया है। टैक्स जमा न करवाने वालों में अस्पताल संचालक, शोरूम संचालक, बैंक्वेट हाल संचालक, व इंडस्ट्रीयल एरिया के इंडस्ट्री मालिक हैं।
निगम में जमा हुआ 7 करोड़ 58 लाख से अधिक टैक्स
31 अगस्त तक नगर निगम में 7 करोड़ 58 लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है। टैक्स ब्रांच ने मंगलवार को खातों का मिलानकर टोटल कैलकुलेशन की है। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने सीटीएम एवं निगम के ज्वाइंट कमिश्नर सुरजीत सिंह नैन को भी सौंपी है।
एक्ट में प्रावधान एरियर ऑफ लैंड रेवेन्यू के तहत होगी प्रॉपर्टी अटैच
नगर निगम अधिकारियों ने बताया है कि कॉरपोरेशन एक्ट में एरियर ऑफ लैंड रेवेन्यू के तहत टैक्स जमा न करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
ऐसे मामलों को कोर्ट में डाला जाएगा। इससे पहले दो नोटिस देकर प्रॉपर्टी मालिक को चांस दिए जाते हैं। इन नोटिस के बाद अगली कार्रवाई इनकी संपत्ति अटैच कर सील की जा सकती है।
हो सकती है छह महीने की सजा भी
प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वाले मामले में कोर्ट मालिक को छह महीने तक की सजा भी सुना सकती है। ऐसे में अगर मालिक दोषी पाया जाता है तो उसे कैद काटनी पड़ सकती है। इसके अलावा प्रॉपर्टी अटैच कर जब तक टैक्स बिल न भरे उसे सील किया जा सकता है।
उच्च अधिकारियों के आदेश हैं, प्रॉपर्टी टैक्स एरियर जमा न करवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एरियर ऑफ लैंड रेवेन्यू के तहत चाहे सरकारी हो या किसी का निजी संस्थान उसे सील किया जा सकता है। निगम सालों से टैक्स न भरने वाले बकायादारों की लिस्ट तैयार कर रहा है फिर उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा
- अरविंद बिश्नोई, ईओ नगर निगम हिसार