नगर निगम में एक दिन 500 व एक हजार रुपये के नोट लेने के बाद शनिवार को कैश लेना फिर बंद कर दिया गया। निगम में लोग प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए पहुंचे मगर अधिकारियों ने उन्हें सोमवार को छुट्टे नोटों के साथ प्रॉपर्टी टैक्स भरकर जाने की बात कही।
टैक्स ब्रांच का अब कमिश्नर ने अधीक्षक कैलाश चंद्र को इंचार्ज बनाया गया है। ब्रांच में पहले से लगे कर्मचारियों को अलग-अलग काम बांटा गया है। जो कर्मचारी जिस काम में एक्सपर्ट हैं उनसे पूछकर उन्हें वहीं काम करने के निर्देेश दिए गए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर पर काम करने के लिए एक्सपर्ट कर्मचारियों को लगाया गया है ताकि लोगों को उनकी प्रॉपर्टी आई डी के नंबर से बिल जनरेट कर दिया जा सके।
शहर के लोग टैक्स भरने के लिए निगम में पहुंचकर अधिकारियों से यह पूछते रहे कि साहब आज टैक्स क्यों नहीं ले रहे। अधिकारी थे कि उन्हें वापस लौटाते रहे। लोगों ने कहा कि आखिर बिजली निगम व अन्य दफ्तारों में 1 हजार व 500 के नोट लिए जा रहे हैं पर निगम में क्यों नहीं।
मुंबई, पूना की निगमों में लोगों ने खूब भरा टैक्स
नगर निगम हिसार में अधिकारियों की अनदेखी के चलते प्रॉपर्टी टैक्स एकत्रित नहीं हो पा रहा। मुंबई पूना के नगर निगमों में लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ पैसा टैक्स के रूप में जमा करवाया है। नगर निगम के अधिकारियों को डर है कि उनका पैसा बैंक जमा नहीं करेगा। मगर हैरानी की बात है कि व्हाइट मनी को बैंक क्यों नहीं लेगा। जब पेट्रोल पंप वालों से बैंक पैसा जमा करवा रहा है तो सरकारी कार्यालयों से क्यों नहीं। निगम के अधिकारी इस पर थोड़ा गौर करते को करोड़ों रुपये अभी भी टैक्स के रूप में जमा हो सकते हैं।
हमारे पास शनिवार के लिए न तो कोई मौखिक आदेश हैं और न ही लिखित में। कुछ लोग आए थे टैक्स जमा करवाने मगर आदेश न होने कारण उन्हें सोमवार को बुलाया गया है।
- कैलाश चंद्र, अधीक्षक नगर निगम