संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स में फैले भ्रष्टाचार पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसकी शुरुआत साइट में नित नये बदलाव करके शुरू की गई है। इन बदलावों ने आम आदमी को सीएससी संचालकों से चंगुल से बाहर निकालने का काम किया है।
नए नियम के अनुसार प्रॉपर्टी में कोई बदलाव के लिए मालिक की साइट पर लॉगिन आईडी बनाना अनिवार्य है। ऐसे में अब सीएससी संचालकों की मनमर्जी खत्म हो गई है। सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स आवेदन की तत्काल फीस को घटाकर आधा कर दिया है। सरकार ने पहले 5 हजार रुपये तत्काल फीस आवेदन की निर्धारित की थी, जो अब घटाकर 2500 रुपये कर दी गई है।
बता दें कि नगर परिषद में इन दिनों 2 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स फाइल लंबित पड़ी हैं। इसको लेकर आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में क्लर्कों की 42 दिन की हड़ताल ने इस सिस्टम को प्रभावित रखा। अब क्लर्क आने पर अधिकारियों के अति व्यस्त होने के कारण सिस्टम प्रभावित हो रहा है। तीन दिन जहां संबंधित अधिकारी पंचकूला मुख्यालय थे, वहीं शनिवार व रविवार सरकारी अवकाश होने के कारण पांच दिनों फाइलों के निपटान नहीं हो रहा है। अधिकारियों की मानें तो सोमवार से प्रॉपर्टी टैक्स आवेदनों की फाइलों के निपटान में तेजी लाई जाएगी।
शनिवार को भी कार्यालय में चक्कर काटते नजर आए लोग : प्रॉपर्टी टैक्स आवेदन करने के उपरांत निरंतर लोग नगर परिषद कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं। काम करवाने के लिए शनिवार को अवकाश के दिन भी लोग नगर परिषद कार्यालय में चक्कर काटते नजर आए।
प्राॅपर्टी टैक्स दुरुस्त होना क्यों है जरूरी
प्रॉपर्टी टैक्स दुुरुस्त होना कई कारणों से बहुत जरूरी है। प्रॉपर्टी टैक्स सही होने पर ही एनओसी प्राप्त होती है। रजिस्ट्री करवाने, किराये नाम के लिए, पारिवारिक प्रॉपर्टी के आपसी बंटवारे के लिए, प्लांट का नक्शा पास करवाने के लिए एनओसी जरूरी है।
प्रॉपर्टी टैक्स की साइट में निरंतर बदलाव किए जा रहे हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का मकसद पारदर्शिता लाना है। प्रॉपर्टी टैक्स की लंबित फाइलाें का तेजी से निपटान किया जाएगा। - अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद