महावीर कॉलोनी के छोटे से अखाड़े से शुरुआत कर रोडवेज के डिपो सुपरवाइजर की बेटी जूडो की नेशनल चैंपियन बन गई है।
पांचवीं कक्षा में पढ़ते हुए जूडो में पहली बार ब्रांज मेडल जीतने के बाद महाबीर कॉलोनी निवासी प्रियंका शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
एक के बाद एक जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करने के बाद अब जूडो की नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर नारी सशक्तिकरण का उदाहरण बनी हैं। हाल ही में उसने गुजरात में सोना जीता है।
भाई से ली प्रेरणा
प्रियंका के पिता ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रियंका का बड़ा भाई रवि भी एक अच्छा खिलाड़ी है। वह उसे खेलते हुए देखती थी। वहीं से उसको प्रेरणा मिली और उसने भी खेलने की अच्छी जताई।
जब वह पांचवीं कक्षा में थी, तो पहली बार जूडो एसोसिएशन की ओर से करवाई गई प्रतियोगिता में भाग लेने हरिद्वार खेलने गई थी।
वहां उसने अच्छा प्रदर्शन करते हुए ब्रांज मेडल जीता। इसके बाद उसका और भी ध्यान इस खेल में लग गया और धीरे-धीरे मेहनत करते हुए उसने नेशनल प्रतियोगिता में स्थान बनाया।
कोच ने निखारा हुनर
12वीं कक्षा की छात्रा प्रियंका के हुनर को महावीर स्टेडियम में कोच सतबीर सिंह ने निखारा। कुछ समय तक कॉलोनी में ही बने अखाड़े में अभ्यास करने के बाद प्रियंका ने सतबीर सिंह के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी।
परिवार के सहयोग, भाई के साथ और कोच की मेहनत व प्रशिक्षण के बल पर प्रियंका अब तक सैकड़ों जिला व राज्य स्तर पर पुरस्कार जीत चुकी है जबकि दर्जन भर पुरस्कार नेशनल लेवल पर पा चुकी है।
हाल ही में गुजरात के वड़ोदरा शहर में हुई नेशनल जूडो प्रतियोगिता में प्रियंका ने यूथ जूनियर 70 किलो से अधिक भार वर्ग में अपनी प्रतिद्वंद्वी को धूल चटाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है।
यहां-यहां जीते पुरस्कार
अक्तूबर 2008 में उत्तराखंड में हुई सब जूनियर जूूडो चैंपियनशिप में तीसरा पुरस्कार
जुलाई 2009 में हुई मध्यप्रदेश के इंदौर में हुई सब जूनियर नेशनल जूूडो चैंपियनशिप में दूसरा पुरस्कार
दिसंबर 2010 में दिल्ली में हुए इंडियन नेशनल स्कूल गेम्स में तीसरा पुरस्कार
अक्तूबर 2013 में असम के गुवाहाटी में हुई सब जूनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप में तीसरा पुरस्कार
जनवरी 2014 में दिल्ली में हुए इंडियन नेशनल स्कूल गेम्स में तीसरा पुरस्कार
फरवरी 2014 में देहरादून में हुए नेशनल यूथ व जूनियर जूडो चैंपियनशिप में दूसरा पुरस्कार
मार्च 2014 में रांची झारखंड में हुई नेशनल लेवल रूरल चैंपियनशिप में प्रथम पुरस्कार
2015 में दिल्ली में हुए इंडियन नेशनल स्कूल गेम्स में दूसरा पुरस्कार
नवंबर 2015 में गुजरात के वडोदरा में यूथ नेशनल जूडो चैंपियनशिप में प्रथम पुरस्कार
देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतना ही मेरा लक्ष्य है। परिवार के सहयोग से व कोच के मार्गदर्शन में इसके लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं। लड़कियों को भी खेलों में अपना करियर बनाने के लिए आगे आना चाहिए।
- प्रियंका शर्मा, नेशनल चैंपियन, जूडो