शहर के डीएच लांरेस स्कूल में शनिवार सुबह जिले भर के हरियाणा बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के संचालकों ने बैठक की। बैठक की अध्यक्षता जितेंद्र लाठर, दिलबाग गुलिया व रमेश रोहिल्ला ने की। बैठक में 134ए के तहत दिए जा रहे दाखिलों को लेकर मंथन किया गया। बाद में सर्वसम्मति से सोमवार को जिले के सभी निजी स्कूलों को अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया। बैठक में निर्णय न मानने वाले स्कूलों पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाने की बात भी कही।
ये हैं मांगें
1. नियम 134 के स्थान पर आरटीई लागू की जाएं।
2. स्कूल यातायात की बढ़ी हुई परमिट फीस वापस ली जाए।
3. स्कूल बसों की समय सीमा 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष की जाए या किलोमीटर की सीमा तय की जाए।
4. जिस स्कूल की फाइल पुराने नोर्म के अनुसार जमा है, उन्हें अविलंब मान्यता प्रदान की जाए।
मंगलवार को करेंगे लघुसचिवालय में प्रदर्शन
जिले भर के सभी निजी स्कूल संचालक मंगलवार को लघुसचिवालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। बाद में सीएम के नाम उपायुक्त को ज्ञापन भी साैंपेंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
क्या कहते हैं निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी
निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी जितेंद्र लाठर, रमेश रोहिल्ला, दिलबाग गुलिया का कहना है सरकार की मंशा निजी स्कूलों के प्रति ठीक नहीं है। सरकार जोर जबरदस्ती कर रही है, लेकिन निजी स्कूल संचालक उनकी बातें मानने वाले नहीं हैं, चाहे उन्हें अपना स्कूल बंद ही क्यूं न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की निजी स्कूलों के ऊपर जो दबाव बना रही है, उसको लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन समय के लिए जिले के सभी निजी स्कूल बंद किए जाएंगे और मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा व ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। उन्हाेंने कहा कि अगर फिर भी सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि वो 134-ए नियम के तहत बच्चों को पढ़ाने को तैयार हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक उनका खर्चा नहीं दिया है। इतने बच्चों का खर्चा वो वहन कैसे कर सकते हैं। इसके लिए सरकार दबाव बना रही है। जिसके चलते उन्हें अपने स्कूल बंद करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।