हिसार। जेल की सलाखों के पीछे कैदी भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों को आत्मसात कर जीवन का सार जान रहे हैं। कारागार-1 में बंद कैदियों व बंदियों को सुबह-शाम गीत के श्लोक सुनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य कैदियों का धर्म के प्रति झुकाव बढ़ाने के साथ ही गीता जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों में प्रस्तुति देना है। इसी के तहत जेल प्रशासन बैरकों में लगे स्पीकर के माध्यम से कैदियों व बंदियों को गीता के श्लोक और प्रवचन सुना रहा है। सुबह और शाम आरती भी चलाई जाती है, ताकि कैदियों का चारित्रिक सुधार हो सके।
केंद्रीय कारागार-1 के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि सुबह और शाम कैदियों व बंदियों को गीता में बताए गए भगवान श्रीकृष्ण के प्रवचन सुनाए जाते हैं। इसके अलावा समय-समय पर कारागार परिसर में सत्संग का भी आयोजन किया जाता है। कुछ दिन पहले ज्ञानानंद महाराज कारागार परिसर में आए थे, उन्होंने बंदियों को गीता का ज्ञान दिया था। इनमें से कई गीता जयंती पर होने वाले समारोह में अपनी प्रस्तुति भी देंगे, इसको लेकर भी बंदियों को तैयार किया जा रहा है।
योग का अभ्यास भी करवा रहे
बंदियों व कैदियों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए सुबह और शाम योग भी करवाया जाता है। अलग-अलग योग प्रशिक्षकों को बुलाकर योग व प्राणायाम क्रिया करवाई जा रही है। कारागार के अंदर करीब 1,750 हवालाती और कैदी बंद है। संगीन अपराधियों को अलग से रखा जाता है।
-कारागार परिसर के अंदर बंद कैदियों व बंदियों को सुबह-शाम को गीता का ज्ञान दिया जा रहा है। परिसर के अंदर सत्संग का भी आयोजन किया जाता है। ताकि इनमें धार्मिक भावनाओं को संचार हो और अपराध की दुनिया छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आ सके। - दीपक शर्मा, जेल अधीक्षक, हिसार।