चौ. बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज उचाना के शिक्षकों पर रैगिंग करवाने और दुर्व्यवहार करने का आरोपी लगाने वाली छात्रा का कहना है कि उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
उसने साफ कहा कि वह कॉलेज जाना छोड़ सकती है, लेकिन शिकायत वापस नहीं लेगी। वहीं दूसरी तरफ सोमवार को डीसी राजीव रत्न ने कहा कि रैगिंग मामले में डीईओ को पिछले हफ्ते दिए गए जांच के आदेशों को वापस मंगवा लिया गया है।
चौ. बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा ने डीसी को 12 नवंबर को रैगिंग और दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। छात्रा ने सोमवार सुबह बताया कि शनिवार को कॉलेज की तरफ से उसे फोन आया और फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह रैगिंग की शिकायत को वापस ले ले। क्योंकि इससे कॉलेज की छवि खराब हो रही है। छात्रा ने साफ कहा कि वह कॉलेज जाना बंद कर सकती है, लेकिन शिकायत वापस बिल्कुल भी नहीं लेगी। छात्रा ने भी कहा कि अब इन हालातों में वह कॉलेज में पढ़ाई नहीं कर पाएगी।
वही मामले में कॉलेज प्रबंधक सतपाल सिंह ने कहा कि शनिवार को कॉलेज में कार्यकारी निदेशक आरके शर्मा ने दौरा करके रैगिंग मामले की जानकारी ली थी और उन्होंने आरोप लगाने वाली छात्रा से फोन पर बात भी की थी। प्रबंधक ने बताया कि छात्रा को सिर्फ यह कहा गया था कि कॉलेज में रैगिंग नहीं हुई है। बावजूद इसके वह कॉलेज में अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से कर सकती है।
जांच कौन करेगा, तय नहीं
छात्रा द्वारा लगाए गए रैगिंग के आरोपों की जांच में डीसी दफ्तर तेरह दिन से घालमेल कर रहा है। सोमवार को डीसी ने कहा कि डीईओ को रैगिंग मामले के जो आदेश पिछले सप्ताह दिए गए थे, उनको वापस मंगवा लिया गया है। प्रशासन इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है।
जल्द ही किसी अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए जाएंगे। वहीं डीईओ संतोष ग्रोवर ने कहा कि उन्हें मालूम नहीं है कि उनके कार्यालय से डाक वापस डीसी कार्यालय कैसे पहुंची। उन्होंने फिर दोहराया कि उनके कार्यालय को तो जांच के आदेश डीसी कार्यालय की तरफ से आए ही नहीं थे।