हिसार। केंद्र सरकार द्वारा दूरदर्शन केंद्र हिसार को बंद कर चंडीगढ़ स्थानांतरित करने के विरोध में दूरदर्शन बचाओ संघर्ष समिति के बैनरतले धरना-प्रदर्शन शनिवार को 59वें दिन राजेंद्र दुहन की अध्यक्षता में जारी रहा। पिछले चार दिनों से लगातार लोक कलाकारों और शहर की महिलाओं ने लोकगीतों, लोकनृत्य और रागनी के माध्यम से अपना विरोध जताया।
शनिवार को राष्ट्रपति अवार्डी शिक्षिका एवं कलाकार राजरानी मल्हान ने सड़क पर बैठकर लोकगीत गाकर विरोध प्रदर्शित कर धरने को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने छीना दूरदर्शन का मंच। अब कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन सड़क पर बैठकर ही करना होगा। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन का हरियाणा से बंद किया जाना कलाकारों के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को अपना ये निर्णय वापस लेना ही होगा।समाजसेविका संजना सातरोड भी धरने को समर्थन देने पहुंची। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति को प्रदर्शित करने का मंच छीन लिया गया है, जहां दूसरे प्रदेशों में 4 से 5 दूरदर्शन केंद्र है, हरियाणा से एकमात्र दूरदर्शन केंद्र क्यों हटाया गया, इसका जवाब सरकार दे।
बदामो, सुनीता, विमला, मुकेश, संतोष मलिक, किताबो, शकुंतला जाखड़ सहित लगभग 400 महिला लोक कलाकारों और शहर की महिलाओं द्वारा भी लोकगीतों व लोकनृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। पिछले 4 दिनों से लगातार लोक कलाकारों और शहर की आम महिलाओं द्वारा लोकगीतों, लोकनृत्य और रागनी का कार्यक्रम दूरदर्शन के गेट से प्रस्तुत किया जा रहा है। कलाकारों ने ये भी कहा कि हमारी कला को प्रस्तुत करने का एकमात्र मंच छीन लिया गया है। हम सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हैं। आज समिति के सदस्यों के अलावा करीब एक हजार महिलाएं व पुरुष उपस्थित थे।