शहर में अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) ने तहसीलदार से नियम 7-ए के तहत रजिस्ट्री कराने की अनुशंसा की है। इस नियम के लागू होने के बाद किसी भी प्लॉट की रजिस्ट्री से पहले डीटीपी से एनओसी (नॉ ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य होगा।
हांसी में अवैध कॉलोनियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सोमवार को ही तीन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर वहां के निर्माण को गिराया गया। अधिकारियों का मानना है कि हांसी को जिला बनाए जाने के बाद अवैध कॉलोनियों की संख्या में तेजी आई है।
अधिकारी बताते हैं कि आम लोग अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों की बातों में आकर निवेश कर रहे हैं, जबकि वह जमीन पूरी तरह अवैध है। ऐसे में डीटीपी ने नियम 7-ए के तहत रजिस्ट्री कराने की अनुशंसा की है। इससे प्लॉट खरीदने वालों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलेगी और अवैध निर्माण पर अंकुश लगेगा। संवाद
2 एकड़ तक की देंगे मंजूरी
डीटीपी कार्यालय की तरफ से यह भी साफ किया गया है कि केवल दो एकड़ जमीन की ही अनुमति दी जाएगी। इ इसमें भी कई नियम लागू होंगे। जैसे कई जमीन बेचने वाले कई व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन खरीदने वाला केवल एक ही व्यक्ति होगा। जो व्यक्ति खरीदेगा उसे पहले एफिडेविट देना होगा कि वह जमीन पर केवल कृषि ही करेगा। जमीन का उपयोग अन्य किसी कार्य में नहीं करेगा। इन नियमों के बाद ही मंजूरी मिलेगी।
अवैध कॉलोनियों की सूची चस्पा की
डीटीपी की तरफ से अवैध कॉलोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है लेकिन इसके बावजूद इस पर लगाम नहीं लग पा रही। आमजन को जमीन व प्लॉट की खरीद से पहले जगह अवैध है या नहीं, इसकी सटीक जानकारी के लिए डीटीपी हिसार कार्यालय में जाना पड़ता था। क्षेत्रवासी लंबे समय से मांग कर रहे थे कि हांसी में अवैध कॉलोनियों की सूची चस्पा की जाए। इसके बाद डीटीपी ने तहसील कार्यालय में अवैध कॉलोनियों की सूची चस्पा की है। इसमें राजस्व हांसी की करीब 55 खसरे, राजस्व शेखपुरा संपदा में 7 व राजस्व संपदा ढाणा में 10 खसरों के विभिन्न नंबरों को अवैध घोषित किया हुआ है।
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अवैध कॉलोनियों में प्लॉट की ब्रिकी रोकने के लिए हमने 7-ए की लागू करने की अनुशंसा की है। इसके लिए पत्र लिखा है। पहले भी इसके लिए हमने मांग की थी। इससे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट नहीं बिकेंगे। केवल दो एकड़ तक की कृषि भूमि को ही अनुमति दी जाएगी।
- दिनेश कुमार, डीटीपी, हिसार।