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Hisar News: हड़ताल की तैयारी जोरों पर, कर्मचारी नेताओं पर प्रशासन की नजर

Wed, 11 Feb 2026 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर रोडवेज, बिजली, और पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। कर्मचारी और मजदूर संगठनों ने हड़ताल की पूरी तैयारी कर ली है, जिससे रोडवेज बसों में असुविधा हो सकती है। वहीं बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास तेज कर दिए हैं और कर्मचारी नेताओं पर नजर रखी जा रही है। खुफिया विभाग और पुलिस हड़ताल के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। इस हड़ताल में कर्मचारियों की मुख्य मांगों में निजीकरण विरोधी नीतियां, मजदूरी सुधार, और पुरानी पेंशन बहाली शामिल हैं।
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हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी होंगे शामिल : चौहान
हिसार। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के नेता राजकुमार चौहान ने मंगलवार को घोषणा की कि 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी पूरी तरह से भाग लेंगे। हड़ताल में चालक, परिचालक, मैकेनिक, निरीक्षक और लिपिक कर्मचारी भी शामिल होंगे। प्रमुख मांगों में निजीकरण नीति का विरोध, चारों लेबर कोड रद्द करने, आठवें वेतन आयोग की स्थापना, पुरानी पेंशन की बहाली और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। 22 फरवरी को परिवहन मंत्री के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। संवाद
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हड़ताल को लेकर कर्मचारी नेताओं ने तेज किया प्रचार अभियान
-प्रशासन के दबाव को नकारते हुए कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने का लिया संकल्प
हिसार। 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू ने प्रचार-प्रसार अभियान तेज कर दिया है। राज्य स्तरीय जत्थे ने बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरपालिका और अन्य संगठनों के कर्मचारियों को हड़ताल में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रशासन हड़ताल को विफल करने के लिए किसी भी तरह के दबाव डाल सकता है, लेकिन वे दबाव में आने वाले नहीं हैं। 11 फरवरी को शहर में जोरदार प्रदर्शन और मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जाएगा, ताकि हड़ताल को सफल बनाने के लिए आम जनता का समर्थन मिल सके।
कर्मचारी नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर पूंजीपतियों के पक्ष में चार लेबर कोड लागू करने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये लेबर कोड मजदूरों और कर्मचारियों के खिलाफ हैं, और इससे पूंजीपतियों को फायदा होगा। राज्य स्तरीय जत्थे में शामिल राज्य कमेटी मेंबर बिशन सिंह, प्रेस प्रवक्ता नूर मोहम्मद, नरेश गौतम, राजेश बागड़ी, जयकुमार आदि ने अपने विचार रखे।
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