नारनौंद (हिसार)। हिसार और जींद जिलों के इतिहास विषय के प्रवक्ताओं ने राखीगढ़ी महोत्सव की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए चयनित प्रवक्ताओं को राष्ट्रीय संग्रहालय नई दिल्ली का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय प्राचीन इतिहास, विशेषकर हड़प्पा सभ्यता से जुड़े नवीन शोध, कलाकृतियों और पुरातात्विक साक्ष्यों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा। विशेषज्ञों की जानकारी से शिक्षकों को हड़प्पाकालीन जीवन को समझने का नया दृष्टिकोण मिला।
शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व डॉ. अप्पू सहारण ने किया। इस दौरान प्रवक्ताओं को राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थित हड़प्पा सभ्यता से संबंधित प्रमुख गैलरियों का अवलोकन कराया गया। गैलरियों में प्रदर्शित मूर्तियां, मुहरें, मिट्टी के बर्तन, औजार, आभूषण के माध्यम से सिंधु-सरस्वती सभ्यता की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, उन्नत नगर नियोजन प्रणाली, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक जीवन की जानकारी दी गई।
भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने संग्रहालय की व्यवस्थाओं, प्रदर्शनी की वैज्ञानिक प्रस्तुति और विषयवस्तु की गहनता की सराहना की। उन्होंने इसे कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, जीवंत और शोधपरक बनाने वाला अनुभव बताया।
कार्यक्रम में हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला और अग्रोहा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों की इतिहास प्रवक्ताओं ने भाग लिया। सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों ने एसडीएम विकास यादव एवं कार्यक्रम समन्वयक अरुण लोहान के प्रति आभार जताया। यह