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प्रवीण ने रविंद्र से व्हाट्सएप पर ली थी उत्तर कुंजी, ऑनलाइन खरीदी थी डिवाइस

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ग्राम सचिव की परीक्षा मामले में आरोपी प्रवीण ने ब्लूटूथ डिवाइस ऑनलाइन खरीदी थी। इसके अलावा उसने उत्तर कुंजी रविंद्र से व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त की थी। रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि उसने यह उत्तर कुंजी भटाना जाफराबाद निवासी अंकित से ली थी। अंकित ने बताया कि उसने यह उत्तर कुंजी सोनीपत के जुआं निवासी आशीष से ली थी। पुलिस के अनुसार रविंद्र, आशीष और अंकित ने परीक्षा में नकल के उद्देश्य से नकलचियों को वायरलेस सेट उपलब्ध करवाए थे।
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ग्राम सचिव की परीक्षा मामले में पुलिस ने अब तक सोनीपत के जाफराबाद निवासी अंकित, टोकस निवासी यशपाल उर्फ संदीप, मतलोड़ा निवासी जगबीर, किरोड़ी निवासी प्रदीप व रूपेश को गिरफ्तार किया है। मामले में 9 जनवरी को गिरफ्तार किरोड़ी निवासी प्रवीण को दो दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अंकित व आशीष को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपने के आदेश दिए।
यशपाल के पास था जैमर का ठेका
पुलिस जांच में सामने आया कि टोकस निवासी यशपाल उर्फ संदीप के पास परीक्षा केंद्र में मोबाइल जैमर लगाने का ठेका था। यशपाल ने ही किरोड़ी निवासी रूपेश की ड्यूटी मोबाइल जैमर ऑपरेटर के रूप में परीक्षार्थियों को चेक करने के लिए लगवाई थी और परीक्षा केंद्र के अंदर किरोड़ी निवासी रूपेश ने प्रवीण को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मुहैया करवाई थी। जांच में सामने आया कि यशपाल उर्फ संदीप ने उत्तर कुंजी प्रदान करवाने बारे रविंद्र से परीक्षार्थी प्रवीण की सेटिंग करवाई थी। प्रदीप व मतलोड़ा निवासी जगबीर गाड़ी में आरोपियों की मदद कर रहे थे। पुलिस ने प्रदीप, जगबीर, यशपाल उर्फ संदीप, रूपेश और प्रवीण को रिमांड के बाद मंगलवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।
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राकेश के भाई नवीन को भी किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में जांच करते हुए हिंदवान निवासी नवीन को भी गिरफ्तार किया है। हिंदवान निवासी राकेेश के स्थान पर पुलिस ने अमित को परीक्षा देते हुए पकड़ा था। इस दौरान आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हिंदवान निवासी नवीन परीक्षा केंद्र के बाहर गाड़ी में बैठ कर आरोपियों को उत्तर बताने में मदद कर रहा था। पुलिस ने नवीन को मंगलवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।
जितेंद्र की गिरफ्तारी के बाद मिलेगी जानकारी
आरोपी राकेश और नवीन चचेरे भाई हैं। उन्होंने अमित से इस बारे में किसी प्रकार की रुपयों की डील नहीं की थी। इनके साथी नारनौंद के गामड़ा निवासी जितेंद्र की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ और जानकारी मिल सकेगी। जितेंद्र पहले भी इसी तरह परीक्षाएं पास करवाने के मामलों में शामिल रह चुका है। जितेंद्र की राकेश से इस बारे में आठ से 10 लाख रुपये की डील हुई थी।
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- इंस्पेक्टर जगदीश, जांचकर्ता।
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