सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे अनुसूचित जाति के लोग।
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हांसी। गांव सिसाय कालीरावण में वीरवार को खेत में मृत मिले हंसराज के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हंसराज (50 वर्षीय) के दोनों हाथों में फ्रैक्चर व सिर में गंभीर चोट मिली है। मृतक की तिल्ली भी फटी हुई है। इसका खुलासा होने के बाद परिजनों ने आरोपी प्रवीण समेत पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाकर शव उठाने से इनकार कर दिया और नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे गए।
अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि पोस्टमार्टम में बताई गई चोटों से मृतक की हत्या की पुष्टि हो रही है। पोस्टमार्टम के बाद मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार पर शव ले जाकर अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी कर निलंबित नहीं किया जाता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि मृतक की पत्नी लाली देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका पति गांव के ही एक किसान के खेतों में मजदूरी करता था और उसने खेत मालिक से 6 हजार रुपये उधार ले रखे थे। बुधवार को खेत मालिक का बेटा प्रवीण पुलिस कर्मियों के साथ घर आया और उसके पति को अपने साथ ले गए। इसके बाद सुबह गांव के एक व्यक्ति का फोन आया कि हंसराज का शव खेतों में पड़ा है। लाली देवी ने आरोप लगाया कि खेत मालिक के बेटे प्रवीण व पुलिस कर्मियों ने मिलकर उसके पति की हत्या कर शव खेतों में फेंका है। उधर पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि प्रवीण ने डायल 112 पर फोन कर हंसराज पर उसके रुपये छीन कर ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने हंसराज की पत्नी के बयान पर आरोपी प्रवीण के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। परिजन अब आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मौके पर अधिवक्ता विकास, सामाजिक कार्यकर्ता अजय भाटला, मनीषा बोहत, विकास टांक, अंग्रेज कागड़ा, मिशन एकता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कृष्ण माजरा मौजूद रहे।