दिवाली की रात हुई आतिशबाजी से हवा में घुले प्रदूषण के स्तर पर मंगलवार को बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 357 रहा, जबकि सोमवार को यह 303 था। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो अभी इस प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना काफी कम है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि दिवाली पर आतिशबाजी और हवाओं की दिशा उत्तरी पश्चिमी होने से एक बार फिर से वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल एक कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिस कारण पाकिस्तान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मगर इन दोनों के असर से मैदानी क्षेत्राें पर सिर्फ आंशिक बादलवाही देखने को मिल रही है। इसके अलावा 16 व 19 नवंबर को भी एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन ये दोनों भी कमजोर श्रेणी के होने के कारण इस प्रदूषण से राहत दिलाने में असरदार साबित नहीं होंगे। ऐसे में इस जहरीले धुएं से जल्द राहत मिलने की संभावना काफी कम है।
दिन व रात का तापमान सामान्य से नीचे
उधर, शहर का दिन व रात का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मंगलवार को शहर का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे रहा। वहीं अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम रहा। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। साथ ही सुबह हल्की धुंध या कोहरा छाया रहने और दिन व रात्रि के तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
दो जगह जलाई पराली
वहीं जिले में मंगलवार को दो जगह पराली जलाई गई। पराली जलाने के ये दोनों मामले नारनौंद एरिया में मिले हैं। जिले में अभी तक पराली जलाने के 86 मामले मिल चुके हैं।