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क, ख, ग नहीं, चौधर चलाएंगे मास्टर जी

Tue, 12 Jan 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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पंचायती राज चुनाव में शर्तों के बाद पढे़ लिखे सरपंचों की फौज गांव की सरकार चलाएगी। जिले में पहले चरण में 118 सरपंच चुने गए। इसमें 11 सरपंच बीए से अधिक पढे़ लिखे हैं। नारनौंद के गांव राजथल से सरपंच बने दलशेर सिंह मान सबसे ज्यादा पढे़ लिखे पीएचडी डिग्री धारक हैं।
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दलशेर मान बीए, बीएड, डबल एमए, एमफिल तथा पीएचडी डिग्री धारक हैं। डॉ. दलशेर मान हिसार के एसआरएम बीएड कॉलेज में प्रिंसिपल रह चुके हैं। गांव में सरपंच चुनने की बारी आई तो गांव के लोगों ने उन्हें सरपंच बना दिया। दलशेर को 997 वोट मिले। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी 94 वोट से पराजित किया।

अलीपुर से सरपंच बनी सरोज सबसे पढ़ी लिखी महिला सरपंच हैं। सरोज एमए इंग्लिश, बीएड तथा एमफिल की डिग्री धारक हैं। कुछ समय पहले तक वह गुड़गांव बीएड कॉलेज में टीचर थी। पढ़ी लिखी महिला की सीट जीतने के लिए मैदान में उतरीं। 1474 वोट लेकर जीती सरोज ने अपनी प्रतिद्वंद्वी आशा को 428 वोट से हराया।
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आर्य नगर से सरपंच बने जगदीश एमए, बीएड डिग्री धारक हैं। कुछ समय पहले वह बरवाला रोड स्थित बाल सुधार गृह में बतौर टीचर पढ़ाते थे। इससे पहले गांव में ही स्थित निजी स्कूल में भी पढ़ा चुके हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी सत्यनारायण को हराया। जगदीश को 1498 तो सत्यनारायण को 587 वोट मिले।

कैमरी निवासी भगत सिंह एम इन फिजिकल एजूकेशन की डिग्री धारक हैं। निजी स्कूलों में बतौर फिजिकल एजूकेशन टीचर के तौर पर काम करते थे। बाद में स्कूल छोड़कर गांव में समाजसेवा करने के लिए उतरे। उन्हें गांव के लोगों ने 1890 वोट देकर सरपंच बनाया। अपने प्रतिद्वंद्वी को 303 वोट से हराया।

गांव लोहारी राघो की सरपंच बनी चंद्रकांता एमए बीएड डिग्री धारक हैं। कुछ समय के लिए निजी स्कूल में पढ़ाया बाद में घरेलू महिला के तौर काम करते हुए सामाजिक कार्यों को तवज्जो दी। चंद्रकांता को 2254 वोट मिले तो उनकी प्रतिद्वंद्वी सुनीता को 874 वोट आए। 1380 वोट के अंतर से चंद्रकांता सरपंच बनी।

बिजेंद्र शर्मा बीए डिग्री धारक हैं। बीए करने के बाद गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। बिजेंद्र शर्मा को 946 वोट मिले तो उनके प्रतिद्वंद्वी धर्मबीर को 672 वोट आए। बिजेंद्र 274 वोट के अंतर से सरपंच बने।

गांव नियाना की पाना आलमपुर में बीए, बीएड डिग्री धारक सीमा को सरपंच चुना गया। सीमा को 1028 वोट मिले तो उनकी प्रतिद्वंद्वी सोना देवी को 728 वोट आए। टीचर सीमा दे 316 वोट से जीतकर सरपंच बनी। गांव टोकस में बीए डिग्री धारक सुमन तथा जाखोद खेड़ा में पूनम देवी बीए डिग्री धारक हैं।

तीन वोट से सरपंच बने ग्रेजुएट सुनील
गांव सिंहरान में बीए डिग्री धारक सुनील कुमार महज तीन वोट से जीतकर सरपंच बने। सुनील को 628 वोट मिले तो उनके प्रतिद्वंद्वी विकास को 625 वोट आए। एमडीयू रोहतक से बीए करने के बाद सुनील गांव में ही खेतीबाड़ी का काम कर रहे थे।

एमए, बीएड अंजू चार वोट से जीतकर बनीं सरपंच
एमए तथा बीएड डिग्री धारक निजी स्कूल की टीचर रही अंजू चार वोट से जीतकर सरपंच बनी। गांव ढाणी ब्राह्मणान में अंजू ने सरपंची का चुनाव लड़ा तो 280 वोट मिले। उनकी प्रतिद्वंद्वी रोशनी देवी को 276 वोट आए। महिलाओं के वर्ग में अंजू की सबसे छोटी जीत रही।

आर्किटेक्ट ज्योति को गांव की चौधर
गांव गामडा में ज्योति कुमारी को गांव की सरपंच चुना गया है। ज्योति के पास बीटेक की डिग्री है। बीटेक होने के बावजूद नौकरी को प्राथमिकता नहीं देतीं। गांव की सरपंची के लिए मैदान में उतरीं तो अपने सामने खड़े पुरुष प्रत्याशी नरेश को 61 वोट से हराया। ज्योति को 691 वोट मिले थे।

ठेकेदारी छोड़ सरपंची करेंगे शैलेंद्र
कापडों गांव में सरपंच बने शैलेंद्र बीए पास करने के बाद ठेकेदारी का काम करते थे। उन्होंने कहा ठेकेदारी छोड़ अब समाजसेवा करेंगे। शैलेंद्र को 2185 वोट मिले तो उनके प्रतिद्वंद्वी को 2067 वोट आए। वह 118 वोट से जीतकर युवा सरपंच बने।
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घोषित रिजल्ट 115
आठवीं पास 19
दसवीं पास 71
बारहवीं पास 13
बीए या उससे अधिक 12
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