हांसी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने युवाओं को सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क से सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे मामले देखे हैं जहां संदिग्ध ऑपरेटिव्स (संगठन/एजेंसी के लिए काम करने वाले) ने भारतीय लोगों से संपर्क कर संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया है।
एसपी ने कहा कि डिजिटल दुनिया में अनजान व्यक्ति की पहचान केवल प्रोफाइल देखकर सुनिश्चित नहीं होती। इसलिए सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती, संदिग्ध नौकरी के प्रस्ताव या आर्थिक लालच के दौरान विशेष सावधानी बरतें। युवाओं को फर्जी प्रोफाइल, भावनात्मक जुड़ाव व हनीट्रैप के जरिये निशाना बनाया जा सकता है।
घर से काम, डेटा प्रविष्टि या ऑनलाइन कार्य के लालच में फोटो, दस्तावेज या लोकेशन जैसी जानकारी न दें। विदेशी नंबरों (+92) से आने वाली संदिग्ध कॉल या व्हाट्सएप से बचें। लॉटरी या इनाम के लालच में क्लिक न करें और कोई भुगतान न करें।
युवा सैन्य या सरकारी प्रतिष्ठानों की संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। एनआईए ने हाल ही में ऐसे जासूसी नेटवर्क से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए थे। किसी संदिग्ध गतिविधि या संपर्क की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। ब्लैकमेल होने पर डरें नहीं, बल्कि बातचीत और मोबाइल संख्या जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखें। देश की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।