हिसार। डॉ. भावना यादव हत्या के मामले में आरोपी उदेश यादव को पुलिस ने रिमांड के दौरान उसके एचएयू के क्वार्टर में ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट कराया। पुलिस ने आरोपी से उसका मोबाइल फोन भी एचएयू में क्वार्टर से बरामद किया है, जिस फोन से आरोपी उदेश ने डॉ. भावना को सोनी बर्न अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसकी मां गायत्री को कॉल किया था। दूसरी ओर, मृतका की मां ने पुलिस को कहा कि उन्हें जान का खतरा है। बेटी के बाद उनकी भी हत्या हो सकती है। गायत्री ने कहा कि हम अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। अमर उजाला से बातचीत में डॉ. भावना की मां गायत्री ने कहा कि हम अपनी बेटी के हत्यारोपी को सजा दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। इस हत्या में उदेश के साथ उसके कुछ रिश्तेदार भी शामिल हैं। जब हम उदेश पर केस दर्ज कराने के लिए आए तो आरोपी के परिवार की तरफ से सामाजिक दबाव बनाया गया। अब मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कुछ लोग हमें लगातार फोन कर धमकी दे रहे हैं।
मृतका की मां गायत्री देवी ने बताया कि कुनबे की एक लड़की ने साल 2016 में कहा था कि भावना को अपने भांजे उदेश के लिए लेकर जाऊंगी। मैंने उसे मना कर दिया था। तब भावना की उम्र शादी के लायक नहीं थी। उसके बाद बेटी फिलीपींस में एमबीबीएस करने चली गई। वह साल 2023 में डिग्री लेकर लौटी। गायत्री ने कहा कि उदेश और बेटी के जान पहचान, दोस्ती के बारे में उसे कुछ नहीं पता। अगर ऐसा कुछ था तो उसके परिवार ने हमें कभी क्यों नहीं बताया। भावना की षड्यंत्र के तहत हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि बेटी को न्याय दिलवाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगी। हर कीमत पर बेटी को न्याय दिलाऊंगी। आरोपी उदेश के परिवार के लोग उसे बचाने के लिए तरह तरह की कहानियां बना रहे हैं।