बालसमंद। गांव गोरछी स्थित पूनिया ईंट भट्ठे पर बंधक बनाए गए एक मजदूर को छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर मजदूरों ने पथराव किया और ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया। इस घटना में 3-4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, हमला करने और जानलेवा प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
बालसमंद चौकी में तैनात एएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि शनिवार रात पूनिया ईंट भट्ठा के मालिक सुरेन्द्र ने चौकी में शिकायत दी थी कि भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर रजनीश को अन्य मजदूरों ने बंधक बना रखा है और उसके साथ मारपीट की जा रही है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक झुग्गी में मजदूर रजनीश को घायल हालत में बैठा रखा था। पुलिस उसे छुड़ाने लगी तो वहां मौजूद एक महिला दरवाजे के आगे खड़ी हो गई और अन्य मजदूर भी उसके साथ आ गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि रजनीश उनके परिवार की एक महिला को दूसरे युवक के साथ मिलकर भगाकर ले गया था, इसलिए वे उससे खुद पूछताछ करेंगे। प्रदीप कुमार ने बताया कि समझाने के बावजूद मजदूर नहीं माने और अचानक झुग्गी से ईंटें उखाड़कर पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। आरोप है कि एक महिला ने डंडे से हमला किया जिससे होमगार्ड कुलदीप के मुंह पर चोट लगी और उसका मोबाइल टूट गया। एसपीओ जगदीश के हाथ और ईएचसी विकास की कमर व गर्दन पर चोटें आईं। पुलिस ने दो मजदूरों को काबू कर लिया लेकिन इसी दौरान मंगल नामक मजदूर ने ट्रैक्टर लेकर पुलिस टीम की ओर दौड़ा दिया। आरोप है कि ट्रैक्टर को घुमाकर पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया गया जिससे अफरा-तफरी मच गई और पकड़े गए दोनों मजदूर भी भाग गए। पुलिस ने मजदूर रजनीश को छुड़ाकर भट्ठा मालिक के हवाले कर दिया। आरोपियों के मौके पर छोड़े गए ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। जांच अधिकारी रविंद्र ने बताया कि मंगलचंद, संजय, छोटू, सुभाष चंद्र और मंजू निवासी ईदासर (राजस्थान) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।