नारनौंद। हिसार के खेड़ी चौपटा गांव के पक्के मोर्चा से शुक्रवार को किसानों ने खनौरी बॉर्डर की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए। जब किसानों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस के साथ टकराव हो गया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े , फिर लाठीचार्ज किया। इसके विरोध में किसानों ने भी पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। टकराव में डीएसपी रविंद्र सांगवान, डीएसपी राज सिंह लालका, थाना प्रभारी चंद्रभान, सुनील, जगदीप, मीना, सोनिया, अंजलि, निर्मला, पवन कुमार, दीपक, चंद्रभान, सुरेश, महेंद्र, सतबीर और उमेद चोटिल हो गए। दूसरी ओर ब्यानाखेड़ा के किसान संदीप समेत करीब 30 किसानों को चोटें लगी हैं। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
किसान खेड़ी चौपटा में पिछले एक सप्ताह से पक्का मोर्चा लगाकर धरने पर बैठे हैं। किसानों ने एलान किया था कि वह शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर के लिए कूच करेंगे। इस पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर किसान धरने से खनौरी बॉर्डर की तरफ कूच करने लगे तो जींद-बरवाला मार्ग पर ही पुलिस ने उनको रोकना चाहा। किसान नहीं डटे तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इस पर किसानों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। किसानों ने पुलिस की बस एक बोलेरो और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरों की हवा निकाल कर वाल्व तोड़ दी। देर शाम डीसी उत्तम सिंह खेड़ी चौपटा पहुंचे। डीसी ने किसानों के साथ बैठक कर शांति बरतने की अपील की।
20 किसान नेता गिरफ्तार, देर रात छोड़ा
पुलिस ने किसान नेता सुरेश कोथ, कुलदीप खरड़, कालू, नरेंद्र पनिहारी, कुलदीप उर्फ काला, महा सिंह, शिव कुमार, मौजा, सतबीर, सुरेश नाड़ा, राजू, अभिषेक, लीला, बलवान सहित करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।डीसी संग दूसरी वार्ता में बनी सहमति, देर रात किसानों को रिहा किया
देर रात किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच दो बार वार्ता हुई। पहली बैठक आठ बजे शुरू हुई। आधा घंटा चली बैठक में किसानों ने कहा कि 50 बार आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घरों में घुसकर लोगों को पीटा गया। वार्ता में किसानों ने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर करने और पकड़े गए किसानों को रिहा करने की मांग उठाई। किसानों की बात सुनने के बाद जिला उपायुक्त उत्तम सिंह और हांसी के पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने अधिकारियों के साथ बातचीत की। दूसरे दौर की बातचीत के दौरान दिन में हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को रिहा करने पर सहमति बन गई। सहमति बनने के बाद इन किसान नेताओं को खेड़ी चौपटा में ही लाया गया।
किसान आज खेड़ी चौपटा में बनाएंगे आंदोलन की रणनीति
नेताओं की रिहाई के बाद तय हुआ कि किसान नेता अपने आंदोलन को लेकर अब शनिवार को धरनास्थल पर ही बैठक करेंगे। बैठक में आंदोलन के अगले कदम को लेकर कोई फैसला किया जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा ने खेड़ी चौपटा की घटना के बाद 24 फरवरी को किसान सभा की बैठक बुलाई है। लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर होने वाली बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
एसपी बोले-आत्मरक्षा में पुलिस ने किया बल प्रयोग
हांसी एसपी मकसूद अहमद ने प्रेस को बयान जारी कर कहा कि पुलिस ने किसान नेताओं को शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। किसान उग्र होकर पुलिस प्रशासन को तीन तरफ से घेरकर पथराव कर दिया । अपने बचाव में पुलिस प्रशासन द्वारा हल्के बल का प्रयोग किया गया। किसानों के पथराव से 3 पुलिस कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए व 21 अधिकारी व कर्मचारी को चोटे आई। 3 घायल कर्मचारियों को सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। पुलिस व सिविल प्रशासन के वाहन को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया। एसपी ने किसान संगठनो से अपील की है।
डीसी संग दूसरी वार्ता में बनी सहमति, देर रात किसानों को रिहा किया
देर रात किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच दो बार वार्ता हुई। पहली बैठक आठ बजे शुरू हुई। आधा घंटा चली बैठक में किसानों ने कहा कि 50 बार आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घरों में घुसकर लोगों को पीटा गया। वार्ता में किसानों ने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर करने और पकड़े गए किसानों को रिहा करने की मांग उठाई। किसानों की बात सुनने के बाद जिला उपायुक्त उत्तम सिंह और हांसी के पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने अधिकारियों के साथ बातचीत की। दूसरे दौर की बातचीत के दौरान दिन में हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को रिहा करने पर सहमति बन गई। सहमति बनने के बाद इन किसान नेताओं को खेड़ी चौपटा में ही लाया गया।
किसान आज खेड़ी चौपटा में बनाएंगे आंदोलन की रणनीति
नेताओं की रिहाई के बाद तय हुआ कि किसान नेता अपने आंदोलन को लेकर अब शनिवार को धरनास्थल पर ही बैठक करेंगे। बैठक में आंदोलन के अगले कदम को लेकर कोई फैसला किया जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा ने खेड़ी चौपटा की घटना के बाद 24 फरवरी को किसान सभा की बैठक बुलाई है। लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर होने वाली बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
एसपी बोले-आत्मरक्षा में पुलिस ने किया बल प्रयोग
हांसी एसपी मकसूद अहमद ने प्रेस को बयान जारी कर कहा कि पुलिस ने किसान नेताओं को शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। किसान उग्र होकर पुलिस प्रशासन को तीन तरफ से घेरकर पथराव कर दिया । अपने बचाव में पुलिस प्रशासन द्वारा हल्के बल का प्रयोग किया गया। किसानों के पथराव से 3 पुलिस कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए व 21 अधिकारी व कर्मचारी को चोट आई। 3 घायल कर्मचारियों को सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। पुलिस व सिविल प्रशासन के वाहन को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया। एसपी ने किसान संगठनों से अपील की है।