भिवानी। भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर लोक निर्माण विश्राम गृह के समीप स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने जा रहे एक ऑटो रिक्शा से गाड़ी टकरा गई। इससे ऑटो रिक्शा चालक सहित इसमें सवार नौ बच्चों को गंभीर चोटें आईं। सभी को राहगीरों की मदद से जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को घर भेज दिया।
सड़क हादसे की सूचना पाकर परिजन भी आपातकालीन विभाग में दौड़ पड़े। वहीं घायल ऑटो रिक्शा चालक ने आरोप लगाया कि गाड़ी अचानक अवैध कट से उनके ऑटो से आकर टकरा गई। वहीं गाड़ी चालक ने सरकारी अधिकारी होने की धौंस भी जमाई और डरा धमकाकर वहां से गाड़ी लेकर भाग गया। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी आपातकालीन विभाग पहुंची और बच्चों का हालचाल जाना। इस संबंध में ऑटो रिक्शा चालक के बयान दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुटी है।
जिला नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन देवेंद्र ने बताया कि वह शिक्षा बोर्ड स्थित एसआरएस स्कूल से विद्यार्थियों को लेकर उन्हें घर छोड़ने के लिए जा रहा था। जब उनका ऑटो लोक निर्माण विभाग के समीप पहुंचा तो एक अवैध कट से अचानक ही एक गाड़ी उनकी तरफ मुड़कर सामने आ गई। इससे उनकी टक्कर हो गई। चालक देवेंद्र ने बताया कि इस हादसे में उसने ऑटो को मुश्किल से संभाला, अगर पलटता तो बच्चों की जान पर बन आती। हादसे के दौरान ऑटो के अंदर आठ बच्चे सवाल थे, जिन्हें चोटें आई।
देवेंद्र ने आरोप लगाया कि गाड़ी चालक ने हादसा के बाद उन्हें सरकारी अधिकारी होने की धौंस दिखाई और उन्हें धमकी देकर वहां से चला गया। जबकि राहगीरों और डायल 112 पर सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। घायलों में आठवीं कक्षा का दुर्गेश, नताशा, दीपिका, पहली कक्षा का वाणी, दूसरी कक्षा का यश, सातवीं कक्षा की नंदिका, सातवीं की प्राची शामिल हैं। आठवीं का छात्र दुर्गेश के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं छात्रा प्राची को भी अंदरूनी चोटें हैं, जिनका उपचार चल रहा है। वहीं कुछ बच्चों को प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद परिजन उन्हें घर ले गए। वहीं घायल ऑटो रिक्शा चालक ने पुलिस को गाड़ी चालक पर लापरवाही से अवैध कट से गाड़ी लेकर आने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है।
बच्चों के परिजनों ने लगाया गाड़ी चालक पर गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
घायल छात्र दुर्गेश के पिता जयवीर और प्राची के पिता का कहना है कि गाड़ी चालक लापरवाही के साथ-साथ उसका रवैया भी गलत रहा है। अगर गाड़ी चालक की इस लापरवाही से बड़ी घटना हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। उन्होंने हादसा के बाद भी गाड़ी लेकर भाग जाने और घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में कोई मदद नहीं करने पर भी गुस्सा जताया।
हादसे के बाद बच्चे डरे हुए हैं। सभी को चोटें आई हैं। चार बच्चों को यहां रखा गया है। जबकि बाकी बच्चों को परिजन ले जा चुके हैं। सभी को प्राथमिक उपचार दिया है। - डॉ. मोहित कौशिक, चिकित्सक, आपातकालीन विभाग नागरिक अस्पताल भिवानी।