प्रिंसिपल छात्रों को अनुशासित करने के लिए डांटते थे
जांच में खुलासा हुआ कि प्रिंसिपल इन छात्रों को अनुशासित करने के लिए डांटते थे। वे उन्हें नशे से दूर रहने, छोटे बाल रखने और स्कूल में प्रतिबंधित वस्तुएं न लाने की सलाह देते थे। छात्रों ने प्रिंसिपल की इन आपत्तियों को रंजिश मानकर हत्या की साजिश रची।
छात्र सोशल मीडिया पर आपराधिक समूहों से प्रभावित
सीसीटीवी फुटेज में दो छात्र घटनास्थल से भागते दिखाई दिए, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि इस अपराध में चार छात्र शामिल थे। दो छात्रों ने घटना को अंजाम दिया, जबकि अन्य दो ने हथियार उपलब्ध कराए। पुलिस ने बताया कि ये छात्र सोशल मीडिया पर आपराधिक समूहों से प्रभावित थे। उनकी उम्र 14 से 15 वर्ष के बीच है।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह घटना स्कूलों में अनुशासन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर सवाल उठाती है।