एचएयू की फुटेज से हुई एसयूवी गाड़ी की पहचान
पुलिस ने एचएयू प्रशासन से उदेश के क्वार्टर के आसपास की फुटेज ली है। जिसमें तीन नंबर गेट से लेकर उदेश के क्वार्टर तक सारी फुटेज पुलिस को मिली है। जिसमें उदेश एक एसयूवी गाड़ी में डॉ. भावना को ले जाता दिख रहा है। पुलिस ने एसयूवी गाड़ी की पहचान की। गाड़ी एचएयू के हॉस्टल मेस संचालक की थी। पुलिस ने मैस संचालक से भी पूछताछ की जिसमें मेस संचालक अनिल ने बताया कि उदेश ने कहा था कि कोई लड़की जल गई है उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए आपात में गाड़ी की जरूरत को लेकर उदेश ने उससे गाड़ी मांगी थी।
मृतका के भाई नवीन ने कहा कि पुलिस हमें लगातार बरगला रही है। आरोपी के बारे में हम लगातार जानकारी दे रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही थी। उदेश को बचाने के लिए उसका मामा प्रेम व चाचा मदद कर रहे हैं। नवीन ने बताया कि गुरुवार को आरोपी का व्हाट्सएप ऑन हुआ था। हमने इस बारे में सिविल लाइन पुलिस प्रभारी कविता को भी सूचित किया था।
उदेश की पत्नी का वीडियो वायरल
आरोपी उदेश की पत्नी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उसने बताया कि 21 अप्रैल को मेरे पति ड्यूटी पर गए थे। डॉ. भावना का मेरे मोबाइल पर फोन आया कि तुम्हारे पति कहां है? मैंने कहा कि घर पर हैं तो उसने कहा कोई प्रूफ दो। मैंने मना कर दिया। उसने कहा कि वीडियो बनाकर भेजो मैंने मना कर दिया। 22 अप्रैल को मेरे पति ड्यूटी पर नहीं गए। 23 अप्रैल को ड्यूटी पर गए थे। 23 अप्रैल को मेरे पति का फोन आया कि मैंने उस लड़की को यूनिवर्सिटी में देखा है। मैंने कहा कि आप क्वार्टर पर मत रहना किसी दोस्त के पास चले जाना।
करीब सवा नौ बजे मेरे पास मेरे पति का फोन आया। उन्होंने बताया था कि मैं क्वार्टर के बाहर था। अंदर जाकर देखा तो अंदर आग लगी हुई थी। उन्होंने आग बुझाकर उस लड़की को अस्पताल में भर्ती करवाया। इसके बाद उदेश अपने घर रेवाड़ी आ गए थे। वह डर गए थे इस कारण छिप गए थे। उदेश की पत्नी ने दावा किया कि डॉ. भावना दीवार फांदकर मेरे पति के क्वार्टर में घुसी। उसने खुद को आग लगाई उस समय मेरे पति क्वार्टर के बाहर थे।