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पिंकी जांगड़ा भी गोल्ड से चूकी, ब्रांज मिला

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कॉमनवेल्थ गेम्स में हिसार के खिलाड़ियों की गोल्ड की इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है। पहलवान ललिता और गीतिका जाखड़ के बाद हिसार की एक और बेटी बॉक्सर पिंकी जांगड़ा गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई। हालांकि पिंकी ने ब्रांज मेडल अपने नाम कर पदक जीतने का जश्न मनाने का मौका जरूर दिया है।
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हिसार की पिंकी जांगड़ा सेमीफाइनल मुकाबले में आयरलैंड की खिलाड़ी से हार गई। बाक्सिंग खिलाड़ी पिंकी जांगड़ा को अब कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा। हिसार के साकेत कॉलोनी में आजाद नगर की पिंकी जांगड़ा का शुक्रवार को आयरलैंड की खिलाड़ी से मुकाबला था। मुकाबले में पिंकी को हार मिलने के बाद शहर के लोगों को थोड़ी निराशा मिली। वर्ल्ड चैंपियन मैरीकाम को हरा चुकी पिंकी जांगड़ा से सोने के पदक की उम्मीद थी। 51 किलोग्राम भारवर्ग की यह खिलाड़ी रेलवे में कार्यरत है।

पिंकी को हाल ही में इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबा) की ओर से जारी की गई विश्व रैंकिंग में दूसरा स्थान मिला है। पिंकी ने यह रैंक (45-48) किलोग्राम वर्ग में हासिल की थी। पिंकी काभाई अमित भी स्टेट लेवल पर बॉक्सिंग कंपीटिशन खेल चुका है। उन्हें देखकर ही पिंकी को बॉक्सिंग खेलने की प्रेरणा मिली।
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पिंकी ने बताया कि 2 साल के कड़े परिश्रम और मेहनत के बाद 2006 में पटियाला में आयोजित जूनियर की नेशनल प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम को हराना ही उनके कॅरियर की अभी तक सबसे बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि 2009 में जमशेदपुर में हुए नेशनल खलों में क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने मैरीकॉम को हराया था। पिंकी की मां प्रेम देवी अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर काफी गर्व महसूस करती हैं। अप्रैल 2014 में आगरा में आयोजित ऑल इंडिया इंटर रेलवे चैंपियनशिप में (51) किलो भार वर्ग में उन्होंने वेस्टर्न रेलवे की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड जीता था।
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