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शोधार्थी का रिसर्च डेटा गाइड ने दूसरे शोधार्थी को दिया, बोले-पीएचडी पंजीकरण चाहते हो तो मूंह बंद रखो

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GJU.jpg - फोटो : GJU.jpg
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गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के बायो एंड नैनो टैक्नोलॉजी विभाग में रिसर्च डेटा चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। आश्चर्य ये है कि शोधार्थी के गाइड पर ही रिसर्च डेटा दूसरे शोधार्थी की पीएचडी रिसर्च में शामिल किए जाने के आरोप हैं। इस मामले की शिकायत राज्यपाल, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार और शोध निदेशक को दी गई है। करीब 10 दिन पहले शिकायत दिए जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच तक नहीं करवाई। शिकायतकर्ता शोधार्थी प्रशांत भारद्वाज बीफार्मा, एमटेक के टॉपर रहे हैं। साथ ही पीएचडी के एंट्रेंस टेस्ट में भी उन्होंने टॉप किया था।
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रजिस्ट्रेशन करवाना है तो मुंह बंद रखो
शोधार्थी ने शिकायत में बताया कि जब भी उसने आपत्ति जताई, पीएचडी रजिस्ट्रेशन न करवाने की धमकी देकर मुंह बंद करने की धमकी दी गई। गाइड ने कहा कि यदि आप पंजीकरण चाहते हैं तो अपना मुंह बंद रखो। बाद में स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए मुझे दूसरे लेखक के रूप में जगह दे दी। शोधार्थी ने बताया कि उसके सिनोप्सिस का डेटा भी गाइड ने किसी दूसरे को दे दिया।
महिला शोधार्थी की सिनोप्सिस में डाली दवा
शोधार्थी ने शिकायत में कहा कि नेक्टर नामक फार्मास्युटिकल कंपनी से उपहार में उसे सेफालोस्पोरिन ड्रग मिली थी। गाइड ने इस दवा को दूसरी शोधार्थी की सिनोप्सिस में डाल दिया। अब गाइड चाहते हैं कि मेरा नैनो फोर्मुलेशन प्रोटोकॉल उसकी शोध परियोजना को पूरा करे। मैंने इस पर आपत्ति जताई कि मैंने अपना नैनोफोर्मुलेशन प्रोटोकोल उसे दिया तो मेरी पीएचडी कैसे होगी। इसके बाद महिला शोधार्थी से मेरे खिलाफ पुलिस में झूठी शिकायत करवाने की धमकी देकर बार-बार ब्लेकमेल किया गया।
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चेयरमैन हैं दूसरे शोधार्थी के कोगाइड
शिकायत के अनुसार, गाइड लैब इंचार्ज की वीटो पावर का इस्तेमाल कर हर तरह से उसका शोषण कर रहे हैं। शोधार्थी ने बताया कि जिस पीएचडी शोधार्थी से डेटा चोरी करवाया गया है, विभाग के अध्यक्ष उसके को गाइड हैं। इसलिए वे भी उसके गाइड की मदद कर रहे हैं।
मुझे लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा है। हर बार मेरी रिसर्च का डेटा गाइड अपने जानकारों को दे देते हैं। विरोध करने पर धमकियां दी और ब्लेकमेल किया गया। यहां तक कि मुझे पागल घोषित करने की कोशिश की गई। - प्रशांत भारद्वाज, शोधार्थी, बायो एंड नैनो विभाग, गुजवि।
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कोई दिक्कत थी तो विभाग में शिकायत देनी चाहिए थी। मेरे लिए सब विद्यार्थी समान हैं। वह लड़का मानसिक रूप से परेशान है।
- प्रो. नीरज दिलबागी
मामले की शिकायत आई है और पूरी जांच की जाएगी। लड़के के खिलाफ भी किसी छात्रा की शिकायत है और मामला इंटरनल कंप्लेंट कमेटी में भेज दिया है।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, गुजवि।
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