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पीजीआई से कैदी भागा, चार घंटे में पकड़ा

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उपचार के लिए हिसार सेंट्रल जेल से पीजीआई लाया गया एक कैदी शुक्रवार सुबह फरार हो गया। उसकी निगरानी के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने कैदी की तलाश की। लगातार ढूंढ़ने के बाद वह पीजीआई के पीछे ही झाड़ियों में छुपा हुआ मिल गया। पुलिस ने कैदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि चार घंटे में कैदी को खोज लिया गया।
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हिसार जिले के मिर्चपुर गांव निवासी महेंद्र ढांडा पुत्र ईश्वर फूड एंड सप्लाई विभाग में इंस्पेक्टर था। उसे हांसी में तैनात किया गया था। महेंद्र ढांडा पर गेहूं का घोटाला करने तथा एक तलाकशुदा महिला के साथ गैंगरेप में शामिल होने आरोप था। इस मामले में वह हिसार सेंट्रल जेल प्रशासन की कस्टडी में था। 10 जून को सिटी थाना हांसी में उसके खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कर 11 जूृन को ही गिरफ्तार किया था।

एक जुलाई को महेंद्र ने तबीयत खराब होने की बात कही तो उसे पुलिस सुरक्षा में सिविल अस्पताल हिसार में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। महेंद्र को वार्ड-25 के बेड नंबर 205 पर भर्ती कर दिया गया। निगरानी रखने के लिए हिसार से एएसआई महाबीर, हैड कांस्टेबल रोहतास, कांस्टेबल विजय तथा संदीप की ड्यूटी लगाई गई थी। शुक्रवार सुबह लगभग 7 बजे वह बाथरूम करने के लिए बेड से उठा था तथा पुलिसकर्मियों को चकमा देकर वहां से भाग गया।
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जब पुलिसकर्मियों ने कैदी को कमरे में नहीं पाया तो उनके पैरों तले की जमीन निकल गई तथा वे उसे ढूंढ़ने के लिए दौड़ पड़े। साथ ही उन्होंने घटना के बारे में हिसार व पीजीआई थाना पुलिस को भी सूचना दी। उसके बाद चार घंटे तक लगातार ढूंढ़ने के बाद पुलिस ने कैदी को पीजीआई के पीछे उगी झाड़ियों में छिपा हुआ पाया। पुलिस ने फिर उसे पीजीआई में दाखिल कर दिया।
फोन की लोकेशन का लिया सहारा  
महेंद्र ढांडा ने फरार होने के बाद एक मोबाइल नंबर से अपने परिजनों से बातचीत की, लेकिन बाद में उस नंबर पर कॉल बैक नहीं हो सकी। पुलिस उसी नंबर की लोकेशन ट्रेस कर ढांडा की तलाश में जुटी गई। लोकेशन पीजीआई के आस-पास की ही होने के चलते पुलिसकर्मी उसे वहीं पर ढूंढ़ते रहे। बाद में पुलिस को वह पीजीआई के पीछे झाड़ियों में छुपा हुआ मिला।

महेंद्र सिंह ढांडा मानसिक रूप से बीमार है तथा इसी बीमारी के चलते उसे पीजीआई में लाया गया था। फिलहाल उसे फिर से पीजीआई में भर्ती करा दिया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

कैदी के भागने की सूचना मिली थी, मगर उसकी निगरानी के लिए आए पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। कैदी मानसिक रूप से बीमार है। उसकी निगरानी में अब अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
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एमआई खान, थाना प्रभारी, पीजीआई
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