हांसी। मंडी सैनियान में स्ट्रीट लाइट ठीक कर रहे एक व्यक्ति की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। मृतक के बेटे ने नगर परिषदचेयरमैन, एक पार्षद सहित दो पार्षद प्रतिनिधियों के खिलाफ लापरवाही की शिकायत शहर थाना पुलिस को दी है। मृतक की पहचान वकील कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय मेनपाल के रूप में हुई है। आरोप है कि बिजली निगम की अनुमति लिए बिना ही स्ट्रीट लाइट मरम्मत का कार्य किया जा रहा था।
मृतक के पुत्र नितिन ने बताया कि उसके पिता पिछले 20 वर्षों से ठेकेदार के पास रहकर नगर परिषद के अंतर्गत आने वाली स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का कार्य करते थे। लेकिन अब नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का टेंडर समाप्त हो रखा है। इसलिए पिता नगर परिषद के चेयरमैन प्रवीण एलावादी के अंडर में कार्य करते थे। प्रवीण एलावादी ने स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए तीन लोगों की कमेटी बनाई हुई है। इसमें वार्ड 24 से पार्षद प्रतिनिधि राहुल शर्मा, वार्ड 16 से पार्षद प्रतिनिधि विनोद सिंगला व वार्ड 20 से पार्षद सुभाष है। ये तीनों उनके पिता को शहर में जहां कहीं भी स्ट्रीट लाइटें खराब हो जातीं वहां पर ठीक करने के लिए भेजते थे।
शिकायतकर्ता नितिन ने बताया कि मंगलवार को उसका पिता सुबह 10 बजे अपने हेल्पर रवि के साथ मंडी सैनियान में प्राइमरी स्कूल के पास खंभे पर स्ट्रीट लाइट ठीक कर रहा था। इस दौरान बिजली का करंट लगने से सिर के बल जमीन पर आ गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों और वार्ड के पार्षद कृष्ण सैनी ने उन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नितिन ने आरोप लगाया कि जब मेरे पिता स्ट्रीट लाइट को ठीक करने के लिए गए थे तब नगर परिषद के चेयरमैन प्रवीण एलावादी, कमेटी के सदस्य राहुल शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि विनोद सिंगला, पार्षद सुभाष ने बिजली सप्लाई बंद नहीं करवाई। जिस कारण उसके पिता की मौत हुई है। अगर बिजली सप्लाई बंद होती तो आज उसके पिता जीवित होते। नितिन ने इस मामले में शहर थाना में शिकायत दी है।
मृतक मेनपाल के दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा नितिन गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है और छोटा बेटा राहुल पढ़ाई कर रहा है। बेटी शादीशुदा है। हादसे की सूचना मिलने पर बिजली निगम के एसडीओ रणबीर सिंह व जेई राज सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीओ रणबीर सिंह ने बताया कि 11 केवी लाइन पर कार्य करने के लिए बाकायदा विभाग से मंजूरी लेनी होती है। यदि बिजली निगम के कर्मचारी भी 11 केवी लाइन पर मरम्मत का कार्य करते हैं तो इसका वर्क आर्डर जारी किया जाता है और इस एरिया की बिजली सप्लाई कट कर दी जाती है।
एसडीओ ने बताया कि स्ट्रीट लाइट को ठीक करने की बिजली निगम से किसी प्रकार की कोई मंजूरी नहीं ली गई थी। बिना मंजूरी के बिजली पोल या ट्रांसफार्मर पर चढ़ना गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि बिजली निगम के उमरा गेट पर स्थित शिकायत केंद्र पर किसी व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी थी कि ट्रांसफार्मर पर काम कर रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
मृतक मेनपाल के बेटे नितिन ने शिकायत दी है कि चेयरमैन प्रवीण एलावादी, वार्ड-24 से पार्षद प्रतिनिधि राहुल शर्मा, वार्ड-16 से पार्षद प्रतिनिधि विनोद सिंगला व वार्ड-20 से पार्षद सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, क्योंकि उनकी लापरवाही से उसके पिता की मौत हुई है। शिकायत के आधार पर छानबीन कर रहे हैं, उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- एएसआई अनिल कुमार, सिटी थाना हांसी
इस मामले में मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि मेरी संवेदना मेनपाल के परिवार के साथ है और कुछ नहीं बोलूंगा। मैं पूरा दिन सिविल अस्पताल में रहा।
- नगर परिषद के चेयरमैन प्रवीण एलावादी
परिजनों को मिले आर्थिक सहायता
वार्ड 23 के पार्षद आशीष उर्फ पिंकू ने कहा कि नगर परिषद में स्ट्रीट लाइट ठीक करने के नाम पर गोलमाल हो रहा है। मेनपाल की मौत का जिम्मेदार ठेकेदार है। हम मांग करते हैं कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व नौकरी दी जाए। अन्यथा अन्य पार्षदों के साथ मिलकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।