हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के बायो एेंड नैनो टेक्नोलॉजी विभाग के एमएससी बायोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम को जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार से न केवल स्वीकृति मिली है, बल्कि इसके लिए विभाग को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। यह स्वीकृति और वित्तीय सहायता पाने वाला गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार हरियाणा का एकमात्र विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय में इस कोर्स में 30 सीटें होंगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार और कुलसचिव प्रो. हरभजन बंसल ने इस उपलब्धि के लिए बायो एंड टेक्नोलॉजी विभाग को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
1.40 करोड़ का बजट मिला, दाखिला जीएट-बी के माध्यम से
विभाग के अध्यक्ष प्रो. विनोद छोकर ने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इस कार्यक्रम को संचालित करने के लिए एक वर्ष के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। आगे चार साल के लिए लगभग एक करोड़ रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे। इस कोर्स के लिए विद्यार्थियों का दाखिला ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट-बायोटेक्नोलॉजी (जीएट-बी) के माध्यम से किया जाएगा। इस टेस्ट को रीजनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी फरीदाबाद द्वारा भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के लिए आयोजित किया जाएगा। जीएटी-बी के माध्यम से दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को हर महीने पांच हजार रुपये की फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी।
विद्यार्थी 30 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
एमएससी बायोटेक्नोलॉजी कार्यक्रम में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थी 30 अगस्त तक जीएटी-बी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 3 अक्टूबर 2020 परीक्षा की संभावित तिथि है। उन्होंने बताया कि इस विभाग के सात विद्यार्थी हाल ही में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में स्थापित लैब के लिए सैंपल्स की क्लीनीकल टेस्टिंग के लिए भी चुने गए हैं। विश्वविद्यालय का बायो एेंड नैनो टेक्नोलॉजी विभाग भी देश में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम संचालित करने वाले श्रेष्ठ विभागों में से एक है। विभाग में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधाएं हैं और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ अंतर्विषयिक शोध किया जा रहा है। इस विभाग के साथ संयुक्त रूप से काम करने वाले प्रतिष्ठित संस्थानों में अमेरिका, स्पेन, कनाडा, साउथ कोरिया, मिस्र, इस्राइल और इथोपिया आदि देशों के संस्थान शामिल हैं।