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श्मशान में भी नहीं जगह, अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए चबूतरे तोड़े

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हिसार। कोविड -19 के कारण हो रही मौत के बाद आ रहे शव भी अब प्रशासन के लिए मुुसीबत बन रहे हैं। नगर निगम का ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में जगह कम है। श्मशान घाट की पार्किंग में कोरोना शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने पर स्थानीय लोग भड़क गए। आक्रोशित लोगों ने श्मशान घाट में पहुंचकर नारेबाजी की। अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए चबूतरे को भी तोड़ दिया।
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विरोध करने वाले न्यू ऋषिनगर और सेक्टर 14 के लोगों का कहना था कि यहां कोरोना मरीजों के शवों का अंतिम संस्कार करने से आसपास के रिहायशी क्षेत्र में संक्रमण फैलने की आशंका है। मौके पर पहुंचे वार्ड एक के पार्षद अनिल जैन ने लोगों की मांग का समर्थन किया। श्मशान भूमि सुधार समिति का कहना है कि श्मशान घाट में बने प्लेटफार्म पर 10 शवों के अंतिम संस्कार की ही व्यवस्था है। कोविड 19 के संक्रमित शवों के लिए इसी श्मशान घाट को चुना गया है।
प्रतिदिन आ रहे 25 से 30 शव
ऋषि नगर श्मशान घाट में प्रतिदिन 25-30 शव आ रहे हैं, जिनमें 10 से 15 शवों का अंतिम संस्कार खुले में ही किया जा रहा है। अब शवों की संख्या बढ़ने के बाद अब नगर निगम ने श्मशान घाट के सामने पार्किंग स्थल में शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था चबूतरे बनाने का काम शुरू किया था। नगर निगम की टीम एक ही चबूतरा बना सकी थी। इसी बीच लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों के विरोध की सूचना पाकर डीएसपी अशोक कुमार व नगर निगम संयुक्त आयुक्त बेलिना भी मौके पर पहुंचीं और काम को बंद करा दिया।
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राख भी बनी मुुसीबत
कोविड से संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करने के बाद हटाई गई राख भी मुसीबत बन रही है। श्मशान भूमि समिति इसे बाईपास के पास डाल रही थी, जिसका लोगों ने विरोध कर दिया। बाद में निगम ने यहां ट्रॉली उपलब्ध कराई। अब वह ट्रॉली भी निगम ने हटवा दी। अब राख को श्मशान के बाहरी हिस्से में ही ढेर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
नए विकल्प पर काम कर रहा निगम
लोगों के विरोध को देखते हुए नगर निगम ने नए विकल्प पर काम शुरू कर दिया है। जिसमें दिल्ली बाईपास, आजाद नगर, सेक्टर 16-17 सहित अन्य एरिया का निरीक्षण किया है। शुक्रवार तक इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
यह कहना है लोगों का
स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक श्मशान घाट के अंदर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, जिस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी, क्योंकि यह जगह पूरी कवर है। अब पार्किंग वाली जगह में अंतिम संस्कार किया जाएगा तो यह गलत होगा। कुछ दूरी पर ही रिहायशी क्षेत्र है। यहां बनी दीवार भी पांच से छह फुट ऊंची है। यह जगह खुले में है। इस वजह से अगर यहां कोरोना शवों के अंतिम संस्कार किए जाते हैं तो आसपास रहने वाले लोगों को भी संक्रमण होने का खतरा रहेगा। उनकी मांग है कि कोविड-19 के शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था शहर के किसी बाहरी क्षेत्र में की जाए।
नगर निगम नहीं करवा रहा सैनिटाइजेशन
श्मशान भूमि सुधार समिति ने निगम प्रशासन पर आरोप लगाया है कि इस बार निगम प्रशासन की तरफ से श्मशान घाट में सैनिटाइजेशन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वीरवार को भी शाम चार बजे तक 18 शवों का अंतिम संस्कार यहां किया जा चुका है। पिछले वर्ष प्रत्येक शव के अंतिम संस्कार के बाद निगम की तरफ से पूरे श्मशान घाट को सैनिटाइज करवाया जाता था।
अन्य जगहों का निरीक्षण किया है
लोगों के विरोध को देखते हुए श्मशान घाट में निर्माण कार्य का रुकवा दिया गया है। हमने शहर के कुछ श्मशान घाट का निरीक्षण किया है। शुक्रवार तक किसी जगह को फाइनल कर दिया जाएगा।
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- बेलिना, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
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