हिसार। नगर सुधार मंडल की रिहायशी व व्यावसायिक संपत्तियों के वैध स्वामित्व और उनकी बिक्री का रास्ता साफ हो गया है। अब प्लॉटधारक निर्धारित जुर्माना या शुल्क जमा कर अपनी संपत्ति की कन्वेंस डीड करवा सकेंगे और विधिवत रजिस्टर्ड मालिक बन पाएंगे।
जानकारी के अनुसार नगर सुधार मंडल योजना के अंतर्गत आने वाले प्लॉटों को लेकर लंबे समय से नागरिक परेशान थे। इन प्लॉटों की कन्वेंस डीड लंबे समय से बंद पड़ी थी। इसके चलते न तो नक्शे पास हो पा रहे थे और न ही स्वामित्व में परिवर्तन किया जा रहा था। इस स्थिति में लोग संपत्ति के वास्तविक मालिक होते हुए भी कागजों में मालिक नहीं माने जा रहे थे और न ही संपत्ति की खरीद-बिक्री कर पा रहे थे।
सरकार के इस फैसले से राजगुरु मार्केट, पुरानी तहसील क्षेत्र, गांधी चौक, ऑटो मार्केट, न्यू क्लॉथ मार्केट, ग्रीन पार्क, गुरु जंभेश्वर मार्केट, जिंदल फैक्ट्री के पास मॉडल टाउन, पुरानी सब्जी मंडी, शांति नगर, जहाज पुल से दिल्ली गेट तक की मार्केट, भगत सिंह चौक मार्केट, लाला लाजपत राय मार्केट, जगजीवन नगर, गोविंदगढ़ बाजार, पुराने नंद सिनेमा के आसपास का क्षेत्र, जैन मंदिर से नंद सिनेमा एचटीएम क्षेत्र और पटेल नगर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
राजस्व में होगी उल्लेखनीय बढ़ोतरी
हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि कन्वेंस डीड के लिए जुर्माना या शुल्क कितनी राशि का होगा, लेकिन इससे नगर निगम के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में लोग शुल्क अदा कर कन्वेंस डीड कराएंगे।
मेयर बोले - मुख्यमंत्री को कराया था अवगत
मेयर प्रवीण पोपली ने कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर प्लॉटधारकों की व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और समाधान का मार्ग प्रशस्त किया। मेयर के अनुसार प्रदेश सरकार का यह फैसला केवल नियमों में संशोधन नहीं, बल्कि आम नागरिकों की वास्तविक जरूरतों और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक नायाब निर्णय है।