हिसार। हिसार जिले में छह पटवारियों के सस्पेंड होने के विरोध में मंगलवार को भी पटवारी हड़ताल पर रहे। शहर के पटवार भवन बंद रहे। इससे जमीन की फर्द, इंतकाल और अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। जिले भर के लोग इन सेवाओं के लिए पटवार भवन आते रहे, लेकिन पांच दिनों से काम रुकने के कारण किसानों को सबसे अधिक कठिनाई झेलनी पड़ रही है। लघु सचिवालय के बाहर जिले भर के पटवारियों ने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
हिसार जिले में चार मुख्य उपमंडल—हिसार, हांसी, नारनौंद और बरवाला—और छह तहसील—हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला, बास और आदमपुर—सहित तीन उप-तहसीलें बालसमंद, उकलाना और खेरी जालब हैं। सभी क्षेत्रों में जमीनी कार्य जिला मुख्यालय स्थित पटवार भवन में होते हैं। हड़ताल के कारण किसानों और आम नागरिकों के लिए फर्द और इंतकाल जैसी सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
:::::::::::::::::
पटवार भवन में फर्द निकलवाने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पटवारी हड़ताल पर होने के कारण फर्द नहीं निकलवा पा रहे है। किसान सबसे ज्यादा परेशान है। शहर के साथ ही गांव के लोग परेशान हैं।
रविंद्र दहिया, हिसार।
पटवार भर में पिछले 5 दिनों से लोग चक्कर लगा रहे है। सबसे अधिक परेशानी गांव के लोगों को हो रही है। वे किराया लगाकर पटवार भवन में आते है लेकिन पटवारी हड़ताल पर होने के कारण उनके काम नहीं हो पा रहे। प्रशासन या सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नही कर रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
दिलबाल हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष,भाकियू, अंबवता, हिसार।
:::::::::::
हरियाणा सरकार ने अक्टूबर 2025 में 6 पटवारियों को सस्पेंड किया था। उसके विरोध में हड़ताल कर धरना दिया जा रहा है। हड़ताल के बाद भी प्रशासन या फिर सरकार द्वारा किसी तरह की बातचीत तक नहीं की जा रही है। जब तक इन पटवारियों को बहाल नहीं किया जाता है और उनकी मांगे नही मानी जाती है धरना जारी रहेगा। - बलबीर सिंह झाझड़िया, जिला सचिवदी रेवेन्यू पटवार एवं एसोसिएशन हिसार